चातुर्मास में धन का नहीं धर्म का संग्रह करो: मुनि श्री आदित्य सागरजी
इंदौर। वर्षा काल में सूक्ष्म जीवों की उत्पत्ति अधिक होने से साधु अहिंसा धर्म का पालन, जीवो की रक्षा और श्रुत की आराधना के लिए 4 माह तक एक ही स्थान पर ठहरकर चातुर्मास करते हैं, क्योंकि वर्षा काल में आवागमन से बहुत हिंसा होती है। यह उद्गार आज मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज […]
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