चातुर्मास जीने के लिए नहीं,जीने दो के लिए करते हैं–सुधासागरजी महाराज
चातुर्मास जीने के लिए नहीं,जीने दो के लिए करते हैं–सुधासागरजी महाराज ललितपुर – ये चातुर्मास जीयो के लिए नहीं जीने दो के लिए किया जा रहा है।ये वर्ष योग संस्कृति की ध्वजा को फहराने के लिए हैं। चातुर्मास में तुम अपने लिए मत बैठो तुम कुछ जीवों को जीने दो। साधु चातुर्मास तो जंगल में भी […]
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