गृहस्थ जीवन में आपसी शांति एवं सदभावना से ही स्वर्ग-नरक की अनुभूति होती है। संभवसागर महाराज
गृहस्थ जीवन में आपसी शांति एवं सदभावना से ही स्वर्ग-नरक की अनुभूति होती है। संभवसागर महाराज खुरई विगत दिनों से पूज्य मुनि श्री संभवसागर महाराज नगर के प्राचीन जिनमंदिर मे पावन ग्रन्थ मूकमाटी का वाचन कर जन जन को सदउपदेश प्रदान कर रहे है। उन्होने गृहस्थ जीवन के विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा गृहस्थ […]
Continue Reading