क्रोध के अभाव का नाम क्षमा है- मुनि श्री आदित्य सागर जी

इंदौर। क्रोध के अभाव का नाम क्षमा है। क्रोध पागलपन और एक ऐसा जहर है, जिसकी उत्पत्ति अज्ञानता से होती है और पश्चाताप से समाप्त होती है। क्रोधित व्यक्ति दूसरों के साथ स्वयं का भी विनाश करता है। क्रोध करने से संकलेषता बढ़ती है, बुद्धि और विवेक क्षीण होता है एवं क्रोध के कारण यश कीर्ति […]

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