कुटिलता का त्याग ही है उत्तम आर्जव धर्म
जोबनेर। आर्यिका रत्न 105 श्री नन्दीश्वरमति माताजी एवं आर्यिका 105 श्री विशेषमति माता जी के पावन सानिध्य में 1008 श्री बहत्तर जिन चैत्यालय बड़ा जैन मंदिरजी में भाद्रपद शुक्ला छठ शुक्रवार को दशलक्षण महापर्व महामण्डल विधान पूजन में आर्जव धर्म पूजा धूमधाम से की गई। विधान मण्डल पूजा की बोलियों में शांतिधारा सौधर्म की बोली प्रवीण […]
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