कार्य के पहले विचार करो कि कार्य करने योग्य है या नहीं – आदित्य सागर जी

इंदौर। जो कार्य आत्मा का उपकार करता है, वह देह का अपकार करता है और जो कार्य देह का अपकार करता है, वही कार्य आत्मा का उपकार करता है। इसलिए कार्य करते समय विचार करना कि जो कर रहे हो, वह करने योग्य है या नहीं। यह उद्गार मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने […]

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