कर्मोें से जीवन में भाग्य का निर्धारणः मुनि सुधासागर जी महाराज
12 दिवसीय श्री समयसार प्रशिक्षण शिविर का चतुर्थ सोपान ललितपुर। श्री अभिनन्दनोदय तीर्थ में भक्तों को संबोधित करते हुए निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने कहा है कि प्रत्येक वस्तु का अपना गुणधर्म है, अपना स्वभाव है। जैसे नमक का स्वभाव खारापन, पानी का स्वभाव शीतलता है, उसी प्रकार कुत्ते की टेढ़ी पूंछ ही उसका स्वभाव […]
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