उस स्थान की होने जा रही पो बारह वह है बीना बारह
उस स्थान की होने जा रही पो बारह वह है बीना बारह रहली जहां महामना महासन्त आचार्य श्री विद्यासाग़र गुरुदेव चरण रज पढ़ जाती है, वहाँ का कण कण पावन हो जाता है। हमने स्वयम ने देखा चिलचिलाती धूप है उष्ण प्रचड़ गर्मी का वेग लेकिन गुरुदेव तो अनियत विहारी है। दोपहर में ही अपने […]
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