ईष्ट के वियोग में दुःखी प्राणी को संक्लेश होता रहता है–आर्यिका श्री आदर्शमति माताजी

ईष्ट के वियोग में दुःखी प्राणी को संक्लेश होता रहता है–आर्यिका श्री आदर्शमति माताजी अशोक नगर– इष्ट के वियोग में और अनिष्ट के सहयोग में कदम कदम पर भी प्राणी को संक्लेश होता है, वह एक क्षण को भी सुखी नहीं हो पाता, वह निरंतर संकल्प विकल्प करता रहता है। कल तक जो हितेषी था, […]

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