आपाधापी व व्यस्तता भरे जीवन मे सरलता खो गयी है, जिसे ढूढ़ने की आवश्यकता है आचार्य विनीत सागर
आपाधापी व व्यस्तता भरे जीवन मे सरलता खो गयी है, जिसे ढूढ़ने की आवश्यकता है आचार्य विनीत सागर कामा के कोट ऊपर स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दसलक्षण महापर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की पूजा आराधना करते समय आचार्य विनीत सागर महाराज ने कहा की आर्जव यानी सरलता है अर्थात कुटिलता व […]
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