आज का इंसान दोहरी जिंदगी जी रहा है विज्ञमति माताजी
आज का इंसान दोहरी जिंदगी जी रहा है विज्ञमति माताजी ग्वालियर परम पूज्या गणिनी आर्यिका 105 विशुद्धमति माताजी की परम प्रभाविका शिष्या पट्ट गणिनी आर्यिका 105 विज्ञमति माताजी ने अपने मंगल उद्बोधन मे अहंकार के विषय पर प्रकाश डाला उन्होने जब सोच धरातल से ऊँची उठने लगती है तब ज्ञान का अहंकार हो जाता है […]
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