आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के प्रति अन्तर्मना प्रसन्न साग़र जी महाराज के उवाच 
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के प्रति अन्तर्मना प्रसन्न साग़र जी महाराज के उवाच सम्मेदशिखर जी -परम पूज्य अन्तर्मना 108 प्रसन्न सागर जी महामुनिराज ने अपनी मौन वाणी से तीर्थराज सम्मेदशिखर जी के स्वर्णभद्र कूट से अपनी श्रद्धा भक्ति अर्पित की *श्रद्धा के देवता आस्था के भगवान के चरणों में प्रणाम…।*शुरुआत अच्छी करते हैं मसला तो […]
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