षट खंड अधिपति चक्रवती भी सांसारिक वैभव छोड़कर धर्म की शरण लेते है वात्सलय वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी

षट खंड अधिपति चक्रवती भी सांसारिक वैभव छोड़कर धर्म की शरण लेते है वात्सलय वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी श्री शान्तिवीरशिवधर्माजीत वर्द्धमान सुर्रिभ्यो नमः महावीर जी राजस्थान धर्मानुरागी महानुभावो, संसार में प्राणी सेकड़ो कष्टों। से ग्रसित हैं, उनके जीवन में नाना प्रकार के क्लेश पाए जाते है। रोगों ने उनके शरीर को अपना घर […]

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हमारे तीर्थंकर कर्मों से रहित हैं, इसलिए स्वाधीनः आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी

आचार्य श्री ने आगे मंगल देशना में यह भी कहा-हमें जो संस्कृति मिली, वह भगवान महावीर स्वामी के उपदेश से मिली है श्रीमहावीरजी। वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी ने कहा है कि हमारी आत्मा कर्मों के अधीन है, इस कारण हम पराधीन हैं। हमारे तीर्थंकर कर्मों से रहित हैं इसलिए वह स्वाधीन हैं। उन्होंने […]

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अहिंसा मय धर्म ही माध्यम है सिद्धि प्राप्त करने का हमारे तीर्थंकर कर्मो से रहित है इसलिए वह स्वाधीन है हमारी आत्मा कर्मो सहित है, इस कारण पर पराधीन है।

अहिंसा मय धर्म ही माध्यम है सिद्धि प्राप्त करने का हमारे तीर्थंकर कर्मो से रहित है इसलिए वह स्वाधीन है हमारी आत्मा कर्मो सहित है, इस कारण पर पराधीन है। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी श्री महावीर जी हमारी आत्मा कर्मों के अधीन है ,इस कारण हम पराधीन है हमारे तीर्थंकर कर्मों से रहित है […]

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श्री सृष्टि मंगलम भवन में कल चार साधुओ केतथा 13 अगस्त को वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री सहित 6साधुओं के निरन्तराय आहार

श्री सृष्टि मंगलम भवन में कल चार साधुओ केतथा 13 अगस्त को वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री सहित 6साधुओं के निरन्तराय आहार महावीर जी वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी का चातुर्मास श्री महावीर जी मे चल रहा हैसंघ की आहार चर्या कांच मंदिर के पीछे आश्रम में चल रही है। मुख्य मंदिर के सामने […]

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यह रक्षाबंधन का महापर्व धर्मात्माओं श्रमणों और धर्म के भक्तों के बीच में संबंध जोड़ने वाला है । यह महापर्व यह संदेश देता है कि हम धर्म और धर्म और धर्मात्माओं की रक्षा करने में सदा तत्पर रहेंगे। आत्मरक्षा करेंगे अपने स्वयं को पापों से बचाएंगे धर्म को स्वयं धारण करेंगे। आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी

यह रक्षाबंधन का महापर्व धर्मात्माओं श्रमणों और धर्म के भक्तों के बीच में संबंध जोड़ने वाला है । यह महापर्व यह संदेश देता है कि हम धर्म और धर्म और धर्मात्माओं की रक्षा करने में सदा तत्पर रहेंगे। आत्मरक्षा करेंगे अपने स्वयं को पापों से बचाएंगे धर्म को स्वयं धारण करेंगे। आचार्य श्री वर्द्धमान सागर […]

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वात्सलय वारिधि वर्धमान सागर जी महाराज सानिघ्य में वेदी शुद्धि, संस्कार पूजन,याग मंडल विधान संपंन्न

वात्सलय वारिधि वर्धमान सागर जी महाराज सानिघ्य में वेदी शुद्धि, संस्कार पूजन,याग मंडल विधान संपंन्न श्री महावीर जी श्री शान्तिवीरशिवधर्माजीतवर्द्धमान सुर्रिभ्यो नमः प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागर जी महामुनिराज की अक्षुण्ण पट्ट परम्परा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सानिध्य में वेदी शुद्धि वेदी संस्कारपूजन याग मंडल विधान के अर्ध्य तथा […]

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अध्यात्म का प्रवेश द्वार दीक्षा है ,आमूलचूल परिवर्तन का मार्ग दीक्षा है। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

अध्यात्म का प्रवेश द्वार दीक्षा है ,आमूलचूल परिवर्तन का मार्ग दीक्षा है।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी श्री महावीर जी वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्द्धमानसागर जी महाराज के कर कमलों से दो भव्य धर्मात्मा जीवो की दीक्षा संपन्न हुई। इस अवसर पर आचार्य श्री ने संबोधित कर बताया कि जीवन में प्रेरणा प्राप्त कर […]

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श्रीपार्श्वनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक दिवस पर वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी ने दीक्षा स्थली श्री महावीर जी मे दी दो क्षुल्लिका दीक्षाएं

श्रीपार्श्वनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक दिवस पर वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी ने दीक्षा स्थली श्री महावीर जी मे दी दो क्षुल्लिका दीक्षाएं श्री महावीर जी प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागरजी की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परम्परा के पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी वर्ष 2022 का वर्षायोग […]

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भावी दीक्षार्थियों ने श्री गणधर वलय विधान की पूजन की

भावी दीक्षार्थियों ने श्री गणधर वलय विधान की पूजन की श्री महावीर जी प्रथमाचार्य चारित्र आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज के तृतीय पट्टाधीश आचार्य श्री धर्मसागर जी महाराज श्री से वर्ष 1969 में दीक्षित पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महारा की मुनि दीक्षा तथा आर्यिका 105 श्री गुणमति माताजी जी की […]

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मोक्ष सप्तमी 4 अगस्त को 2 सिद्ध क्षेत्रो एक अतिशय क्षेत्र सहित 5 स्थानों पर होगी वात्सल्य वारिधि सहित 4 आचार्यो द्वारा10 दीक्षाएं

मोक्ष सप्तमी 4 अगस्त को 2 सिद्ध क्षेत्रो एक अतिशय क्षेत्र सहित 5 स्थानों पर होगी वात्सल्य वारिधि सहित 4 आचार्यो द्वारा10 दीक्षाएंमाह अगस्त वर्ष 2022 सांकेतिक है 4 अगस्त 2022 श्री 1008 भगवान श्री पार्श्वनाथ जी का मोक्ष कल्याणक दिवस है । यह दिवस वर्तमान परिवेश में इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि देश के […]

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भगवान महावीर की चरण शरण में गुरुओं के सानिध्य में हमारी तकदीर ही नहीं तस्वीर भी बदल गई  आचार्य श्री वर्धमान सागर

भगवान महावीर की चरण शरण में गुरुओं के सानिध्य में हमारी तकदीर ही नहीं तस्वीर भी बदल गई  आचार्य श्री वर्धमान सागर श्री महावीर जी राजस्थान हम सबका सौभाग्य है कि हमने तीर्थंकरों गुरुओं के कुल में जन्म लिया है ,भगवान द्वारा प्रतिपादित ध्वनि को गुरुओं ने शास्त्रों में लिपिबद्ध किया है। गुरु जनों ने […]

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वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी के पावन कर कमलों से 4 अगस्त को होगी 2 दीक्षाएं

वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी के पावन कर कमलों से 4 अगस्त को होगी 2 दीक्षाएं श्री महावीर जी श्री शान्तिवीरशिवधर्माजीत वर्द्धमान सुर्रिभ्यो नमःदिन रात मेरे स्वामी यह भावना में भाऊ देहांत के समय मे तुमको न भूल जाऊ,जीवन है पानी की बूंद कब मिट जावे रे। प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागर […]

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श्री वर्धमान श्री वर्धमान के चरणों मे

श्री वर्धमान श्री वर्धमान के चरणों मे श्री महावीर जी जन ज़न की आस्था का केंद्र बिंदु श्री महावीरजी तीर्थ एक अलौकिक तीर्थ है जहां प्रभु श्री वर्धमान की अतिशयकारी प्रतिमा है जिसके दर्शन मात्र से अनेक पापों का क्षय होता है यह छाया चित्र अपने आप में एक इतिहास बनाता है साक्षात इस धरा […]

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आचार्य श्री वर्धमान साग़र जी महाराज सानिघ्य में दीक्षार्थी श्रीपाल भैया जी की हुई गोद भराई

आचार्य श्री वर्धमान साग़र जी महाराज सानिघ्य में दीक्षार्थी श्रीपाल भैया जी की हुई गोद भराई श्री महावीर जी प्रथमाचार्य चारित्र आचार्य श्री शांति सागर की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परम्परा के चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री अजित सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री पुण्य सागर जी महाराज के द्वारा मोक्ष सप्तमी के दिन […]

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महाव्रती साधु नवधा भक्ति पूर्वक आहार ग्रहण कर आत्मा का ध्यान करते है वह मोक्ष के अधिकारी है आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी

श्री शान्तिवीरशिवधर्माजीत वर्द्धमान सुर्रिभ्यो नमः महाव्रती साधु नवधा भक्ति पूर्वक आहार ग्रहण कर आत्मा का ध्यान करते है वह मोक्ष के अधिकारी है आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी श्री महावीर जी पंचम  पट्टाधीश आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी संघ सहित श्री महावीर जी अतिशय क्षेत्र में विराजित है मंगलवार को नियमसार स्वाध्याय में समितियों के […]

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जो समिति से रहित है उन्हें संसार में पुनःजन्म लेना पढता है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज

जो समिति से रहित है उन्हें संसार में पुनःजन्म लेना पढता है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज श्री महावीरजी जो समिति से रहित हैं उन्हे ही संसार में पुन: पुन:जन्म लेना पड़ता है। और जो समितियों का पालन कर रहे हैं समझीए, उन्हें जल्द ही मुक्ति रूपी लक्ष्मी प्राप्त होने वाली है। व्यवहार समिति […]

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श्री शान्तिवीरशिवधर्माजीत वर्द्धमान सुर्रिभ्यो नमः

श्री शान्तिवीरशिवधर्माजीत वर्द्धमान सुर्रिभ्यो नमः श्री महावीर जी राजस्थान राजस्थान के प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में विराजित प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शान्ति सागर जी महाराज की परम्परा के पंचम पट्टाचार्य परम पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज का प्रात:कालीन वन्दना उपरांत संघ के चेत्यालय में पंचामृत अभिषेक हुआ, […]

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भगवान महावीर के सिद्धांत पूरे विश्व के लिए अनुकरणीय है – आचार्य श्रीवर्धमान सागर जी-

भगवान महावीर के सिद्धांत पूरे विश्व के लिए अनुकरणीय हैआचार्य श्री वर्धमान सागर जीवर्धमान सागर -जी श्री महावीर जी किसी भी आयोजन का ध्वजारोहण केवल मात्र कपडे का ध्वज नहीं है अपितु यह उस कार्य के सानन्द सम्पन्न होने का संकल्प का प्रतीक है। ये विचार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन […]

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