‘जो हमारा नहीं उसे अपना मानते हैं और जो है उस पर ध्यान ही नहीं है’ आचार्य श्री

‘जो हमारा नहीं उसे अपना मानते हैं और जो है उस पर ध्यान ही नहीं है’ आचार्य श्री बिज़ोरा हम कहां से आ रहे हैं यह तो आपको मालूम है परंतु हम कहां जा रहे हैं यह हम आप को नहीं बताएंगे। सुनना है तो सुन लो और गुनना है तो गुन लो। यह बात […]

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