सक्षम होते हुए भी अनुमोदना करना मायाचार कहलाता हैआचार्य विनीत सागर नवदीक्षार्थी सार्थक भैया की गोद भराई का कार्यक्रम हुआ आयोजित
सक्षम होते हुए भी अनुमोदना करना मायाचार कहलाता हैआचार्य विनीत सागर नवदीक्षार्थी सार्थक भैया की गोद भराई का कार्यक्रम हुआ आयोजितकामा स्वयं और पर के कल्याणार्थ संयम के पथ पर आरुण हो जाना एवं सभी प्रकार के कर्मों की निर्जरा करने के लिए जेनेश्वरी दीक्षा अंगीकार की जाती है।दीक्षा लेने का अभिप्राय है कि ब्रह्मचर्य […]
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