सक्षम होते हुए भी अनुमोदना करना मायाचार कहलाता हैआचार्य विनीत सागर नवदीक्षार्थी सार्थक भैया की गोद भराई का कार्यक्रम हुआ आयोजित

सक्षम होते हुए भी अनुमोदना करना मायाचार कहलाता हैआचार्य विनीत सागर नवदीक्षार्थी सार्थक भैया की गोद भराई का कार्यक्रम हुआ आयोजितकामा स्वयं और पर के कल्याणार्थ संयम के पथ पर आरुण हो जाना एवं सभी प्रकार के कर्मों की निर्जरा करने के लिए जेनेश्वरी दीक्षा अंगीकार की जाती है।दीक्षा लेने का अभिप्राय है कि ब्रह्मचर्य […]

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विलासिता व परिग्रह से युक्त संसार से विरक्त होना दुर्लभ क्रिया है*- आचार्य विनीत सागर नवदीक्षार्थी की गोद भराई जैन समाज कॉमा द्वारा आज

विलासिता व परिग्रह से युक्त संसार से विरक्त होना दुर्लभ क्रिया है*- आचार्य विनीत सागर नवदीक्षार्थी की गोद भराई जैन समाज कॉमा द्वारा आजकामाविलासिता भरे संसार से वर्तमान समय में विरक्त हो जाना किसी अजूबे से कम नहीं है जहां आज मनुष्य आवश्यकता से अधिक विलासिता एवं परिग्रह से युक्त नजर आता है वही जीवन […]

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उत्तम आकिंचन का सरल अर्थ अपरिग्रह त्याग से लगाया जा सकता है विनीत साग़र जी

उत्तम आकिंचन का सरल अर्थ अपरिग्रह त्याग से लगाया जा सकता है विनीत साग़र जी कामाशरीर के प्रति हमारा गहरा ममत्व है और हम इसी के पोषण में दिन रात लगे रहते हैं जबकि सबको यह विदित है कि यह शरीर आपके साथ जाने वाला नहीं है और ना ही आपका साथ देगा। शरीर का […]

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आपाधापी व व्यस्तता भरे जीवन मे सरलता खो गयी है, जिसे ढूढ़ने की आवश्यकता है आचार्य विनीत सागर

आपाधापी व व्यस्तता भरे जीवन मे सरलता खो गयी है, जिसे ढूढ़ने की आवश्यकता है आचार्य विनीत सागर कामा के कोट ऊपर स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दसलक्षण महापर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की पूजा आराधना करते समय आचार्य विनीत सागर महाराज ने कहा की आर्जव यानी सरलता है अर्थात कुटिलता व […]

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क्षमा शब्द सरल किन्तु पालन करना उतना ही कठिन;- आचार्य विनीत सागर दसलक्षण विधान का हुआ शुभारंभ

कामा सकल दिगंबर जैन समाज कामा के तत्वाधान में दस लक्षण महापर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म की विशेष पूजा आराधना आचार्य विनीत सागर महाराज,मुनि अजितसागर महाराज ससंघ सानिध्य एवं ब्रह्मचारिणी मणी दीदी के निर्देशन में की गई तो वही कोट ऊपर स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दसदिवसीय दशलक्षण महामंडल विधान का शुभारंभ […]

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जैन संतों की साधना की कठिन परीक्षा है केश लोचन*:- आचार्य विनीत सागर महाराज स्वयं द्वारा अपने सिर,दाढ़ी मूछों के बालों को उखाड़ते देख भावुक हुए लोग

जैन संतों की साधना की कठिन परीक्षा है केश लोचन*:- आचार्य विनीत सागर महाराज स्वयं द्वारा अपने सिर,दाढ़ी मूछों के बालों को उखाड़ते देख भावुक हुए लोग कामा शरीर तो एक पुदगल है और पुदगल से जैन संत राग और ममत्व नहीं रखते हैं इसी कारण केश लोच की क्रिया की जाती है। शरीर से […]

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नैतिकता के साथ जीवन यापन करना सद ग्रहस्थ की पहचान आचार्य विनीत सागर

नैतिकता के साथ जीवन यापन करना सद ग्रहस्थ की पहचान आचार्य विनीत सागर कामा भाद्र माह संयम साधना के साथ साथ व्रत उपवास आदि धारण कर आत्म विशुद्धि का पवित्र माह है। प्रथम दिवस से ही सोलहकारण भावनाओं का पालन प्रारम्भ हो जाता है । तीर्थंकरत्व की कारणभूत सोलह भावनाओं में सर्व प्रथम व सर्व […]

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माँ बाप रूपी नीव पर मजबूत कंगूरे की तरह होती हैं संताने :- आचार्य विनितसागर,वृक्षारोपण कर प्रकृति संतुलन का दिया सन्देश

माँ बाप रूपी नीव पर मजबूत कंगूरे की तरह होती हैं संताने*:- आचार्य विनितसागर,वृक्षारोपण कर प्रकृति संतुलन का दिया सन्देश कामां विजय मती त्यागी आश्रम में वर्षायोगरत आचार्य विनीत सागर महाराज ने रविवारीय विशेष प्रवचन में कहा कि माता पिता के अहसानों को आप चाहे जितना भी कुछ कर ले चुकाया नहीं जा सकता है। वर्तमान […]

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ई व्रत रख इंटरनेट से बनाई जा रही है दूरी जैन समाज कामां की अभिनव पहल

ई व्रत रख इंटरनेट से बनाई जा रही है दूरी जैन समाज कामां की अभिनव पहल कामा वर्तमान समय मे मोबाइल हर व्यक्ति की आवश्यकता बन चुका है, किन्तु मोबाइल का उपयोग नही दुरुपयोग किया जा रहा है। इंटरनेट का उपयोग कर मोबाइल पर वाट्सएप,फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम,यूट्यूब,ट्विटर यहां तक की गेम खेल कर अपना कीमती समय […]

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आचार्य विनितसागर ने किया केशलोंच वर्तमान समय मे सन्तो की साधना का कठिन पड़ाव है केशलोचन

आचार्य विनितसागर ने किया केशलोंच वर्तमान समय मे सन्तो की साधना का कठिन पड़ाव है केशलोचन कामा दिगंबर जैन संतो की सबसे कठिन चर्या में यदि कोई चर्या आती है तो वह केश लोंच ही है। जीवों की रक्षार्थ,अहिंसा धर्म की पालनार्थ व स्वयं को कसौटी पर कसने हेतु जैन सन्तो द्वारा केश लोंच किया […]

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कामा में आचार्य विनीत सागर महाराज का मंगल कलश स्थापना समारोह हुआ संपन्न फिरोजपुर झिरका चेयरमैन मनीष जैन रहे मुख्य अतिथि

कामा में आचार्य विनीत सागर महाराज का मंगल कलश स्थापना समारोह हुआ संपन्न फिरोजपुर झिरका चेयरमैन मनीष जैन रहे मुख्य अतिथि कामा वर्ष में बारह माह होते हैं लेकिन जैन शास्त्र के अनुसार वर्षायोग के चार माह अति महत्वपूर्ण होते हैं क्योकी यही वो समय होता है जिसमे श्रावकों को पूरा धर्म लाभ का मौका […]

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जैन धर्म के जयकारों के साथ कामां में हुआ विनितसागर महाराज का प्रवेश27 वां वर्षायोग कलश स्थापना समारोह 17 जुलाई को

जैन धर्म के जयकारों के साथ कामां में हुआ विनितसागर महाराज का प्रवेश27 वां वर्षायोग कलश स्थापना समारोह 17 जुलाई को कामा ज्ञान प्रत्येक मानव में होता है बस उस पर से आवरण हटाने की आवश्यकता है जो कार्य संतो के माध्यम से किया जाता है और वर्षा योग काल सर्वश्रेष्ठ काल कहा जा सकता […]

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