🔅अमृतमयी वाणी🔅
शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 …..चुप रहे आये विद्या। जैसे मल्लप्पाजी का प्रश्न सुना ही न हो। शांत दृष्टि फिर आ गई नासा पर उन्हें यह भी लगा कि अब दूसरा वाक्य माँ के कंठ से झरने की तरह फूट पड़ने की स्थिति में है। माँ भी कुछ कहेंगी पिता की तरह संबंधों के तार झंकृत […]
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