● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●
● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 37 : : तत्त्वसार गाथा 72 – 73ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर असरीरा जीव-घणाचरम-सरीरा हवंति किंचूणा।जम्मण-मरण-विमुक्काणमामि सव्वे पुणो सिद्धा।।72।। जं अल्लीणा जीवातरंति संसार-सायरं विसमं।तं भव्व-जीव-सरणंणंदउ सग-पर-गयं तच्चं।।73।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | गाथा 01-74 […]
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