● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●
● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Video 01 : : गोम्म्टेश स्तुति : : छंद 01 – 02स्तुतिकार- आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धांत चक्रवर्तीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर विसट्ट-कंदोट्ट-दलाणुयारं,सुलोयणं चंद-समाण-तुण्डं।घोणा जियं चम्पय-पुप्फ-सोहं,तं गोम्मटेसं पणमामि णिच्चं।।1।। अच्छाय-सच्छं जलकंत-गण्डं,आबाहु-दोलंत-सुकण्ण-पासं।गइंद-सुण्डुज्जल-बाहुदण्डं,तं गोम्मटेसं पणमामि णिच्चं।।2।। भगवान गोम्म्टेश्वर बाहुबली की विश्व प्रसिद्ध स्तुति का पहली बार एक एक शब्द से अर्थ को समझने के […]
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