● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Video 01 : : गोम्म्टेश स्तुति : : छंद 01 – 02स्तुतिकार- आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धांत चक्रवर्तीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर विसट्ट-कंदोट्ट-दलाणुयारं,सुलोयणं चंद-समाण-तुण्डं।घोणा जियं चम्पय-पुप्फ-सोहं,तं गोम्मटेसं पणमामि णिच्चं।।1।। अच्छाय-सच्छं जलकंत-गण्डं,आबाहु-दोलंत-सुकण्ण-पासं।गइंद-सुण्डुज्जल-बाहुदण्डं,तं गोम्मटेसं पणमामि णिच्चं।।2।। भगवान गोम्म्टेश्वर बाहुबली की विश्व प्रसिद्ध स्तुति का पहली बार एक एक शब्द से अर्थ को समझने के […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 39 : : तत्त्वसार गाथा 01 – 74ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर तत्त्वसार | गाथा 01 से 74 तक | शुद्ध उच्चारण | सस्वर पाठ | दैनिक आम्नाय स्वाध्याय | प्रतिदिन सुनिए और याद कीजिए…➡️ प्राकृत जैनागम ग्रंथ पाठ | आम्नाय स्वाध्याय | शुद्ध पाठ | […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 38 : : तत्त्वसार : अंतिम गाथा 74ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर सोऊण तच्चसारंरइयं मुणिणाह-देवसेणेण।जो सद्दिट्ठी भावइसो पावइ सासयं सोक्खं।।74।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | गाथा 01-74 | शुद्ध पाठ | शब्दार्थ | व्याकरणिक […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 37 : : तत्त्वसार गाथा 72 – 73ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर असरीरा जीव-घणाचरम-सरीरा हवंति किंचूणा।जम्मण-मरण-विमुक्काणमामि सव्वे पुणो सिद्धा।।72।। जं अल्लीणा जीवातरंति संसार-सायरं विसमं।तं भव्व-जीव-सरणंणंदउ सग-पर-गयं तच्चं।।73।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | गाथा 01-74 […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 36 : : तत्त्वसार गाथा 70 – 71ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर धम्माभावे परदोगमणं णत्थि त्ति तस्स सिद्धस्स।अच्छइ अणंत-कालंलोयग्ग-णिवासिओ होउ।।70।। संते वि धम्म-दव्वेअहो ण गच्छेइ तह य तिरियं वा।उड्ढ-गमण-सहाओमुक्को जीवो हवे जम्हा।।71।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ https://youtu.be/0yAm7jrwbQ4 तत्त्वसार | आचार्य देवसेन […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 35 : : तत्त्वसार गाथा 68 – 69ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर गमणागमण-विहीणोफंदण-चलणेहि विरहिओ सिद्धो।अव्वाबाह-सुहत्थोपरमट्ठ-गुणेहिं संजुत्तो।।68।। लोयालोयं सव्वंजाणइ पेच्छइ करण-कम-रहियं।मुत्तामुत्ते दव्वेअणंत-पज्जाय-गुण-कलिए।।69।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | गाथा 01-74 | शुद्ध पाठ | शब्दार्थ | […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 34 : : तत्त्वसार गाथा 66 – 67ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर घाइ-चउक्के णट्ठेउप्पज्जइ विमल-केवलं णाणं।लोयालोय-पयासंकालत्तय-जाणगं परमं।।66।। तिहुवण-पुज्जो होउंखविउ सेसाणि कम्म-जालाणि।जायइ अभूदपुव्वोलोयग्ग-णिवासिओ सिद्धो।।67।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | गाथा 01-74 | शुद्ध पाठ | […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 33 : : तत्त्वसार गाथा 64 – 65ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर ण मरइ तावेत्थ मणोजाम ण मोहो खयं गओ सव्वो।खीयंति खीण-मोहेसेसाणि य घाइ-कम्माणि।।64।। णिहए राए सेण्णंणासइ सयमेव गलिय-माहप्पं।तह णिहय-मोह-राएगलंति णिस्सेस-घाईणि।।65।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ https://youtu.be/WOsmbABYz6M तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 32 : : तत्त्वसार गाथा 62 – 63ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर अप्प-सहावे थक्कोजोई ण मुणेइ आगए विसए।जाणइ णिय-अप्पाणंपिच्छइ तं चेव सुविसुद्धं।।62।। ण रमइ विसएसु मणोजोइस्सुवलद्ध-सुद्ध-तच्चस्स।एकीहवइ णिरासोमरइ पुणो झाण-सत्थेण।।63।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | […]

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★ तत्त्वसार (आ. देवसेन स्वामी) ★ Question Bank 06 : गाथा 50 से 61 तक की प्रश्नोत्तरी के लिए click कीजिए➡️ https://forms.gle/Uk24XNUtTRcbihdr7 Question Bank 01 :https://forms.gle/Mx7eMmQanBNBKqJw9Question Bank 02 :https://forms.gle/H5gfRxBcK9Uk23qB9Question Bank 03 :https://forms.gle/6k45P9CrCDQ4uQgm8Question Bank 04 :https://forms.gle/91EixaBE3PobdmBq6Question Bank 05 :https://forms.gle/YqLnXVQX5jXVX37p9 Prakrit App को download जरूर कीजिए… ⬇️ https://play.google.com/store/apps/details?id=jain.prakrit

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● तत्त्वसार : Revision 6th week ● •Day 26 : गाथा 50 – 51 •Day 27 : गाथा 52 – 53 •Day 28 : गाथा 54 – 55 •Day 29 : गाथा 56 – 57 •Day 30 : गाथा 58 – 59 •Day 31 : गाथा 60 – 61 प्राकृत जैनागम के लिए समर्पित सर्वाधिक […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 31 : : तत्त्वसार गाथा 60 – 61ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर जा किंचि वि चलइ मणोझाणे जोइस्स गहिय-जोयस्स।ताम ण परमाणंदोउप्पज्जइ परम-सुक्खयरो।।60।। सयल-वियप्पे थक्केउप्पज्जइ को वि सासओ भावो।जो अप्पणो सहावोमोक्खस्स य कारणं सो खु।।61।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 30 : : तत्त्वसार गाथा 58 – 59ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर उभय-विणट्ठे भावेणिय-उवलद्धे सु-सुद्ध-ससरूवे।विलसइ परमाणंदोजोईणं जोय-सत्तीए।।58।। किं किज्जइ जोएणंजस्स य ण हु अत्थि एरिसी सत्ती।फुरइ ण परमाणंदोसच्चेयण-संभवो सुहदो।।59।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 29 : : तत्त्वसार गाथा 56 – 57ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर स-सहावं वेदंतोणिच्चल-चित्तो विमुक्क-परभावो।सो जीवो णायव्वोदंसण-णाणं चरित्तं च।।56।। जो अप्पा तं णाणंजं णाणं तं च दंसणं चरणं।सा सुद्ध-चेयणा वि यणिच्छय-णयमस्सिए जीवे।।57।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 28 : : तत्त्वसार गाथा 54 – 55ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर सुह-दुक्खं पि सहंतोणाणी झाणम्मि होइ दिढ-चित्तो।हेऊ कम्मस्स तओणिज्जरणट्ठं इमो भणिओ।।54।। ण मुएइ सगं भावंण परं परिणमइ मुणइ अप्पाणं।जो जीवो संवरणंणिज्जरणं सो फुडं भणिओ।।55।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 27 : : तत्त्वसार गाथा 52 – 53ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर भुंजंतो कम्म-फलंभावं मोहेण कुणइ सुहमसुहं।जइ तो पुणो वि बंधइणाणावरणादि-अट्ठ-विहं।।52।। परमाणु-मित्त-रायंजाम ण छंडेइ जोइ स-मणम्मि।सो कम्मेण ण मुच्चइपरमट्ठ-वियाणओ समणो।।53।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ https://youtu.be/eW5Kig6zHBE तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 26 : : तत्त्वसार गाथा 50 – 51ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर जं होइ भुंजियव्वंकम्मं उदयस्स आणियं तवसा।सयमागयं च तं जइसो लाहो णत्थि संदेहो।।50।। भुंजंतो कम्म-फलंकुणइ ण रायं तह य दोसं च।सो संचियं विणासइअहिणव-कम्मं ण बंधेइ।।51।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार […]

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📱 लाइव विशुद्ध वाणी📱

उत्तम मार्दव धर्म शिखर जी से सुनियेलाइव देशना🎥🎥🎥🎥🎥🎥🎥 👆👆👆👆👆भो ज्ञानी !! जिस जीव के अंदर मद का मद बहता है वह चारों गतियों के बहुत कष्ट को सहन करता है।।💦💦भो ज्ञानी !! जब तक मान विगलित नहीं होगा तब तक मानव महामानव नहीं बन पाएगा।।🌀🌀भो ज्ञानी !! जो अपना हो उस पर मान आना ही […]

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पृच्छना स्वाध्याय

[6:15 pm, 08/09/2021] +91 79873 53830: 🔹🔷 दशलक्षण महापर्व🔷🔹 🔸🔶 पूजन अर्थ 🔶🔸 🔸 उत्तम क्षमा🔸 🔹 उत्तम मार्दव🔹 🔸 उत्तम आर्जव 🔸 🔹 उत्तम शौच 🔹 🔸 उत्तम सत्य 🔸 🔹 उत्तम संयम 🔹 🔸 उत्तम तप 🔸 🔸 बाह्य तप 🔸 🔹 अभ्यंतर तप 🔹 🔹 उत्तम त्याग 🔹 🔸 उत्तम अकिंचन 🔸 […]

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पुरुषार्थ सिद्धि उपाय ग्रंथ

पुरुषार्थ सिद्धि उपाय ग्रंथ ऑनलाइन स्वाध्याय प्रतियोगिता🙏 की 3️⃣3️⃣कक्षा में आप सभी का स्वागत है ★पूज्य मुनि श्री १०८ अजित सागर महाराज जी★ के मुखारविंद से ◆श्री अमृत चन्द्र सूरि जी◆ द्वारा विरचित ग्रंथ पुरुषार्थ सिद्धि उपाय👈 का मार्मिक 5️⃣9️⃣,6️⃣0️⃣,6️⃣1️⃣श्लोक* का वर्णन किया गया है। सभी ध्यान से प्रवचन सुनिए। इसी प्रवचन में से तीन […]

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