
दुनियाभर में ये इकलौती प्रतिमा है जिसमें प्रथम तीर्थंकर और अंतिम तीर्थंकर एक साथ एक ही पत्थर पर है । यह प्रतिमा 11 वीं- 12 वीं शताब्दी की है । इसमें बाईं तरफ भगवान आदिनाथ और दाहिनी तरफ भगवान महावीर है ।
ये प्रतिमा पहले उड़ीसा में थी ।
सन 1830 में जोन ब्रिज ने Christie sale में खरीदी थी । जोन ब्रिज के मरणोपरांत उसकी पत्नी ने 1872 में इस प्रतिमा को ब्रिटिश म्यूजियम में donate कर दी । इतनी ही जानकारी म्यूजियम में है ।
सन् 1872 से लंदन स्थित ब्रिटिश संग्रहालय में है ।
