जैन धर्म की अद्भुत विरासत कुमार रामण किला, गंगावती

JAIN SANT NEWS जैन तीर्थ स्थल

🕉️ जैन धर्म की अद्भुत विरासत — कुमार रामण किला, गंगावती, Jabbalgudda Fort
📍 स्थान: गंगावती, ज़िला कोप्पल, कर्नाटक

कर्नाटक के हृदय में स्थित गंगावती न केवल विजयनगर साम्राज्य का साक्षी रहा है, बल्कि यह नगर जैन धर्म की प्राचीन और समृद्ध विरासत का भी जीवंत प्रमाण है। यह किला कोप्पल जिले की चट्टानी पहाड़ियों के बीच स्थित है। हेमागुड्डा कोप्पल-गंगावती मार्ग के बाईं ओर है, जबकि कुमारा रमण कोटे उसी मार्ग की दाईं ओर स्थित है

गंगावती के निकट स्थित गंडुगली कुमार रामण किला (कुम्मटदुर्ग) कभी एक महत्वपूर्ण जैन उपासना केंद्र था। आज भी यहाँ की दीवारों में, पत्थरों में और टूटी मूर्तियों में जैन इतिहास की कहानी छिपी है।

ऐतिहासिक महत्व और पुरातात्विक धरोहर

प्राचीन जैन मूर्तियाँ और शिलालेख

किले के परिसर में एक पुरानी ईंट-पत्थर की इमारत में जैन तीर्थंकर की दुर्लभ मूर्ति स्थापित है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यह इमारत पहले शस्त्रागार थी।

दुखद सच्चाई 😔: कुछ वर्ष पूर्व कट्टरपंथी तत्वों द्वारा इस पवित्र मूर्ति को खंडित कर दिया गया। आज यह दो भागों में विभक्त है:

वर्तमान में यह स्थल पूर्णतः उपेक्षित है — कचरे के ढेर, झाड़ियाँ और उदासीनता से घिरा हुआ।

🏯 स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना

दुर्ग की विशेषताएँ:

विशाल शिलाखंडों के बीच प्रवेश द्वार — प्रकृति और मानव निर्माण का अद्भुत संगम

ग्रेनाइट स्तंभों से निर्मित मंदिर परिसर — भव्य किंतु जर्जर अवस्था में

शिलाओं पर उकेरे जैन प्रतीक — तीर्थंकर आकृतियाँ, चिह्न और धार्मिक प्रतीक

प्राचीन शिलालेख — इतिहास के मूक साक्षी

यह सब संकेत देते हैं कि यह स्थान कभी एक समृद्ध जैन तीर्थ स्थल और सांस्कृतिक केंद्र 🏯 रहा होगा।

😔 गौरव से उपेक्षा तक — एक दुखद यात्रा

कभी यह स्थल:
ध्यान, साधना और आध्यात्मिकता का केंद्र था
जैन मुनियों और श्रावकों का पवित्र तीर्थ था
कला, स्थापत्य और धर्म का संगम स्थल था

आज यहाँ:

झाड़ियाँ, गंदगी और उपेक्षा का साम्राज्य है
टूटी मूर्तियाँ और खंडित इतिहास पड़ा है
अतीत की महिमा धूल में दबी है

फिर भी, हर पत्थर की दरार में इतिहास बोलता है — गंगावती की धरती पर जैन धर्म की गौरवशाली उपस्थिति का प्रमाण देता है।

🌿 संरक्षण की गुहार — हमारा कर्तव्य

विनम्र अपील:
कर्नाटक पुरातत्व विभाग, स्थानीय प्रशासन और जैन समाज से

निवेदन:

इस स्थल का तत्काल सर्वेक्षण और पहचान करें
संरक्षण और पुनर्स्थापन का कार्य प्रारंभ करें
टूटी मूर्तियों का सम्मानजनक संरक्षण सुनिश्चित करें
स्थल को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यटन योग्य बनाएँ

शिक्षा और जागरूकता अभियान चलाएँ

यह केवल पत्थर की मूर्ति नहीं — यह हमारी आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है 🌸।
यह हमारे पूर्वजों की तपस्या और त्याग की धरोहर है 🙏।

🏞️ गंगावती: जैन इतिहास का गौरव

गंगावती के हर नागरिक के लिए यह गर्व का विषय है कि उनकी भूमि पर:

शताब्दियों पुराना जैन इतिहास जीवित है
तीर्थंकरों की पावन मूर्तियाँ विद्यमान हैं
पत्थरों में उकेरी धर्म की अमर गाथा संरक्षित है

यदि संरक्षित किया जाए, तो यह स्थान बन सकता है:
कर्नाटक का महत्वपूर्ण जैन तीर्थ स्थल ⛩️
ऐतिहासिक पर्यटन का केंद्र 🏛️
शोध और अध्ययन का स्रोत 📖
गंगावती की अनूठी पहचान 🌟

📍 स्थान विवरण

नाम: गंडुगली कुमार रामण किला (कुम्मटदुर्ग)
स्थान: गंगावती, ज़िला कोप्पल, कर्नाटक

गूगल लिंक – gandugali kumara ramana (kummatadurga) fort jabbalgudda https://share.google/m2B8fzDJPdQp1IPJw

मुख्य आकर्षण:

जैन तीर्थंकर की प्राचीन मूर्तियाँ
शिलालेख और उत्कीर्ण चित्र
ग्रेनाइट स्तंभों वाला मंदिर परिसर
विशाल शिलाओं से निर्मित दुर्ग प्रवेश द्वार

वर्तमान स्थिति: उपेक्षित, संरक्षण की तत्काल आवश्यकता ⚠️

आइए, साथ मिलकर बचाएँ हमारी धरोहर
क्योंकि जो इतिहास खो जाता है, वह फिर कभी नहीं लौटता

जय जिनेंद्र 🕉️

संकलन:
सुलभ जैन (बाह)
एडमिन – जैन धर्म तीर्थ यात्रा

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