कुंडलपुर में जलविहार शोभायात्रा निकाली गई: पांडुक शिला पर हुआ अभिषेक शांतिधारा

*☀विद्यागुरू समाचार☀* JAIN SANT NEWS कुंडलपुर न्यूज़

सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में माघ मेला समापन पर माघ सुदी पूर्णिमा के शुभ अवसर पर जलविहार विमान उत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया । पढ़िए विस्तार से हमारे सहयोगी जय कुमार जलज हटा और राजेश रागी बकस्वाहा की रिपोर्ट में

परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज के सानिध्य में कुंडलपुर में आयोजित जलविहार विमान उत्सव में विविध धार्मिक आयोजन हुए । इस अवसर पर मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज ने प्रवचन देते हुए बताया कि आज के ही पवित्र दिन पूज्य गुरुवर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने सिद्ध क्षेत्र मुक्तागिरी में नों मुनि दीक्षा प्रदान की थी।आज ही की तिथि में कुंडलपुर क्षेत्र की पावन धरा पर 58 आर्यिका दीक्षा संपन्न हुई थी। गुरु की महिमा को बताते हुए मुनि श्री ने कहा गुरु के उपकारो को हम कभी भूल नहीं सकते । मुनि श्री ने आगे कहा 5 दिन का मेला मात्र औपचारिक रह गया है । आज का जो जलविहार का कार्यक्रम है इसे ही एक महोत्सव का रूप देकर बृहद रूप प्रदान किया जा सकता है । स्थानीय कुंडलपुर समाज इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेकर इसे आयोजित कर सकती है । कमेटी सहयोग करने सदैव तत्पर रहती है ।

कार्यक्रम में निकाली गई शोभायात्रा

इस अवसर पर शिखर मंदिर जी से श्री जी का विमान शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा मान स्तंभ होते हुए पहाड़ी पर स्थित पांडुक शिला गाजे-बाजे के साथ पहुंची ।

शोभायात्रा में कई गणमान्य लोग हुए शामिल

शोभायात्रा में कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी अध्यक्ष चंद्र कुमार सराफ के साथ अन्य पदाधिकारी सदस्यगण ,तीर्थयात्री, जैन समाज कुंडलपुर, समस्त ब्रह्मचारी भैया जी, दीदी जी, कर्मचारी गण आदि शामिल रहे। शुभारंभ में मंगलाचरण ब्रह्मचारिणी विभा दीदी ने प्रस्तुत किया ।अभिषेक एवं शांति धारा हुई ।

प्रथम कलश करने का सौभाग्य प्रबंधक मोतीलाल जैन , द्वितीय कलश हेमचंद जैन नन्ना कुंडलपुर ,तृतीय कलश पुरुषोत्तम जैन ,चतुर्थ कलश विपुल जैन ब्रह्मचारी सुमन दीदी उज्जैन, पांचवां कलश कमेटी अध्यक्ष चंद्र कुमार सराफ, आलोक ,अमित ,आयुष सराफ दमोह को प्राप्त हुआ ।

शांति धारा करने का सौभाग्य ब्रह्मचारी नीलू दीदी मधु दीदी परिवार जबलपुर, अखिलेश कृतज्ञता जैन दमोह को प्राप्त हुआ ।

फूलमाल का सौभाग्य कोमल चंद राकेश जैन कुंडलपुर। ज्ञानमाल का सौभाग्य प्रतीक जैन कुंडलपुर को मिला , वहीं चारित्र माल का सौभाग्य राजेश ममता मधु जैन सागर को प्राप्त हुआ।

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *