गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी का सानिध्य-
पद्मप्रभ भगवान के जन्म व तप कल्याणक दिवस पर पदमपुरा सहित शहर के दिगम्बर जैन मन्दिरों में हुए विभिन्न आयोजन
जयपुर/पदमपुरा
– -जैन धर्म के छठे तीर्थंकर श्री 1008 पद्मप्रभ भगवान का जन्म व तप कल्याणक परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी के पावन सान्निध्य में श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा मेंरविवार , 23 अक्टूबर को भक्तिपूर्वक मनाया गया। इस मौके पर दिनभर शहर के दिगम्बर जैन मंदिरों में धार्मिक आयोजनों की धूम रही।


पदमपुरा कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट सुधीर जैन एवं मानद् मंत्री एडवोकेट हेमन्त सोगानी ने बताया कि प्रातः मूलनायक भगवान पद्म प्रभ के जयकारों के बीच अभिषेक किये गये। तत्पश्चात विश्व में सुख शांति और समृद्धि की कामना करते हुए मंत्रोच्चार से शांतिधारा की गई। तत्पश्चात धर्म सभा में गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी के मंगल प्रवचन हुए जिसमें माताजी ने भगवान पद्मप्रभ के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। प्रातः 9.00 बजे श्री पद्मप्रभ भगवान की 48 दीपकों द्वारा संगीतमय दीपार्चना की गई ।
प्रचार संयोजक विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि दोपहर 12:00 बजे से भव्य पद्मप्रभ मंडल विधान पूजा का संगीतमय आयोजन किया गया। जिसमें इन्द्र -इन्द्राणियों ने भक्ति नृत्य किये तथा अष्ट द्रव्य से अर्घ्य चढ़ाएं।
शाम को भगवान पद्मप्रभ की महाआरती के पश्चात 7:00 बजे से पद्मप्रभ चालीसा का पाठ 40 बार किया गया।इस मौके पर कमेटी के सुरेश काला, प्रदीप जैन सहित जिनेन्द्र जैन जीतू, राहुल बोहरा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु गण शामिल हुए।
जन्म व तप कल्याणक के मौके पर जयपुर शहर के विभिन्न दिगम्बर जैन मंदिरों में हुए विशेष आयोजन-


राजस्थान जैन युवा महासभा के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन ‘कोटखावदा’ के मुताबिक तीर्थंकर भगवान पदमप्रभू का जन्म व तप कल्याणक रविवार को भक्ति भाव से मनाया गया। इस मौके पर दिगम्बर जैन मन्दिरों में प्रातः भगवान पदमप्रभू के अभिषेक, शांतिधारा के बाद पूजा अर्चना की गई । पूजा के दौरान मंत्रोच्चार के साथ जन्म व तप कल्याणक अर्घ्य चढाया गया ।
महाआरती के बाद समापन हुआ ।
श्री जैन के मुताबिक
श्री पद्मप्रभ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र नेवटा, सांगानेर (जयपुर) में श्री 1008 पद्मप्रभ भगवान का जन्म व तप कल्याणक बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। प्रातःकाल मे मूलनायक श्री 1008 पद्मप्रभ भगवान की अभिषेक शांतिधारा की गई। शांतिधारा करने का सौभाग्य जयपुर निवासी रतनलाल मन्नालाल नरेंद्र गोपाल राजेश बैनाड़ा ने प्राप्त किया । इस उपलक्ष्य पर बहुताधिक समाजजन उपस्थित रहे। आगरा रोड पर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चूलगिरी, सांगानेर के दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र मंदिर संघीजी, तारों की कूंट पर सूर्य नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, दुर्गापुरा के श्री दिगम्बर जैन मंदिर चन्द्र प्रभ में गणिनी आर्यिका भरतेश्वरमति माताजी ससंघ के सानिध्य में विशेष आयोजन किए गए।
श्री जैन के मुताबिक चाकसू के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कोट में आचार्य शशांक सागर महाराज के सानिध्य में, कोटखावदा के श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र बडा बास में अध्यक्ष महावीर गंगवाल एवं मंत्री दीपक वैद के नेतृत्व में भगवान पद्मप्रभु की खड्गासन प्रतिमा के अभिषेक, शांति धारा के बाद पूजा अर्चना की गई। बापू गांव के श्री नेमीनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र छोटा गिरनार,रुपाहेडी, काशीपुरा,निमोडिया के दिगम्बर जैन मन्दिरों में भगवान का जन्म व तप कल्याणक दिवस भक्ति भाव से मनाया गया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
