मुनि श्री 108 अमितसागर जी महाराज (ससंघ) ने किया पांडुलिपियों का अवलोकन हुए अभिभूत

JAIN SANT NEWS कोटा

मुनि श्री 108 अमितसागर जी महाराज (ससंघ) ने किया पांडुलिपियों का अवलोकन हुए अभिभूत

कोटा राजस्थान

परम पूज्य प्रज्ञाश्रमण बालयोगी मुनिश्री 108 अमितसागर जी महाराज (ससंघ) ने अकलंक शोध संस्थान आए। पांडुलिपियों का अवलोकन किया।

पूज्य मुनि श्री ज्ञान का भंडार है। पाण्डुलिपियों के संबंध में गहराई से ज्ञान है । महाराज श्री इन सभी को देख प्रसन्नचित मुद्रा में दिखे। इस कार्य की खूब सराहना की और अपना अमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया।

अकलंक शोध संस्थान की निदेशक डॉ .श्रीमती संस्कृति जैन जिनकी जन्मभूमि रामगंजमडी है।उन्होंने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी संवाददाता ,पारस जैन “पार्श्वमणि” को जानकारी दी। जिसे पारस जैन पारसमणी ने सभी से साँझा करते हुए बताया कि 2009 में हर्षोल्लास के वातावरण में अकलंक शोध संस्थान की स्थापना हुई थी! अभी तक प्रख्यात दिगम्बर जैन संतो का मंगल आगमन संस्थान में हो चुका है।

अभी तक परम पूज्या भारत गौरव गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण मति माता जी, विभाश्री जी माताजी, मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज,आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज,गणिनी गुरु माँ विशुद्धमति माताजी ने अवलोकन कर शुभाशीष प्रदान किया है। वर्तमान समय मे अकलंक शोध संस्थान के अध्यक्ष पीयूष जैन बज एवंसचिव ऐश्वर्य जैन पाटोदी कार्य देख रहे हैं । पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार कोटा से प्राप्त जानकारी

संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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