पुज्य अमितसागर महाराज द्वारा लिपिबद्ध किया गया सर्वार्थसिद्धि ग्रंथराज को
कोटा
निर्ग्रन्थ साधक जिनवाणी के व्याख़्यक ज़न जन तक जिनवाणी का प्रचार करने वाले प्रज्ञा ज्योति के प्रज्ञाश्रमण मुनि श्री 108 अमित सागर जी महाराज राजस्थान की हाडौती की कोटा नगरी में विराजमान है पूज्य गुरुदेव जिनवाणी जिनशासन की अभूतपूर्व प्रभावना कर रहे है।

पूज्य गुरुदेव ने अपनी ज्ञान ज्योति के द्वारा श्री सर्वार्थसिद्धि ग्रंथराज को लिपिबद्ध किया
पूज्य गुरुदेव का अनन्त उपकार है जो उन्होनें जिनवाणी की देशना को जन जन तक प्रसारित किया पूज्य गुरुदेव ने तत्वार्थ सूत्र की वृहद टीका की रचना भी की है। उसमें उन्होनें तत्वार्थ सूत्र के संपूर्ण सार को एक विस्तृत रूप दिया है।
धन्य है ऐसे महामना धन्य है ऐसे गुरुवर
अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
