आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चरणों मे अवतरण दिवस पर भाव बिना नमन
श्रीमती माँ तेरा लाला कितना भोला भाला है
ये तो महाव्रत पाले तुमने जिसको पाला है
हे माता तेरी महिमा माँ में स्वर्ग समाया है
माँ श्रीमति है बड़भागी आज ये किस्मत जागी
मुनियों के नाथ जन्मे है मनवा हुआ वैरागी
शरद पूर्णिमा का चंदा सदलगा में आया है
हे माता तेरी महिमा माँ में स्वर्ग समाया है
श्रीमती मां के अंगना में ठुमक चलत है लाला
पिता मल्लप्पा जग से कहे यह तो बाल निराला
पूर्व जन्म के पुण्य है तब ऐसा सुख पाया है
हे माता तेरी महिमा माँ में स्वर्ग समाया है
श्रीमती माँ तेरा लाला कितना भोला भाला है
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
