भक्तामर महाकाव्य दिलाता रोग और कष्टो से मुक्ती आर्यिका अर्ह॔श्री
आगरा
श्री महावीर दिगम्बर जैन मन्दिर कमलानगर आगरा के तत्वावधान मे चल रहे भक्तामर महाकाव्य के आराधना के दूसरे दिन के अन्तर्गत भक्तामर विधान तदोपरान्त 45 वे काव्य की आराधना व आहुतियां सम्पन्न हुई! अर्हंश्री माताजी ने भक्तामर हीलिंग की विधी बताते हुये प्रथम तो स्वयं पर लेने की, तदुपरांत दूसरे को हील करने की विधी समझाइ! लोगो ने मन्त्रमुग्ध होकर उनको सुना और समझा! उन्होने इसका महत्व बताते हुये कहा कि ये काव्य रोग और समस्त कष्टो को दूर करने वाला काव्य है!
अनुष्ठान के प्रथम अभिषेक का सौभाग्य श्री नरेन्द्र जैन जी बल्केश्वर, शांतीधारा व महायज्ञनायक का सौभाग्य श्री भोलानाथ जी सुनील जी सिंघई परिवार, जगदीश प्रसाद जी पियूष जैन, अभिषेक जैन परिवार को व यज्ञनायक श्री मुकेश जैन ( सन्मति), राकेश जैन बजाज व नरेन्द्र जैन को मिला! चित्र अनावरण ट्रस्टी पारसबाबू जी, ट्रस्टी सुनील जैन सिंघई, ट्रस्टी मनोज कुमार, संजीव कुमार बांकलीवाल को व दीपप्रज्वलन डा. संधी जैन ( Gynecologist) को मिला! श्रीफल अर्पण श्री प्रदीप जैन PNC व प्रतिष्ठाचार्य पं बाल ब्र.जय निशांत जी व अनिल जैन FCi, महेश जैन, नरेश जैन व अनिल रईस ने कीया!
सभी विधी विधान दिल्ली से पधारे पं सचिन जैन के निर्देशन में, श्रीमती शशी पाटनी के स्वर और संगीत मे व मनोज बांकलीवाल के संचालन मे सम्पन्न हुये! कल अन्तिम दिन की आहुतीयो मे जो भी शुद्धी से पधारना चाहे उसका अनुमती रहेगी!
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
