अभूतपूर्व उत्साह उमंग के साथ मना 4 आर्यिका माताजी 15 वा दीक्षा दिवस

JAIN SANT NEWS ग्वालियर
  1. अभूतपूर्व उत्साह उमंग के साथ मना 4 आर्यिका माताजी 15 वा दीक्षा दिवस

ग्वालियर

परम पूज्या गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी के सानिघ्य में 4 आर्यिका माताजी का 15 वा दीक्षा दिवस मनाया गया पुज्य आर्यिका माताजी संघ को भक्ति में झुमते हुए मंच तक लाया गया जहा बाहर से आए अतिथि गणों ने पार्शवनाथ भगवान व निर्मल साग़र महाराज के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्ववलित किया गया वही कुमारी आयुषी जैन ने णमोकार मंत्र है न्यारा के साथ साक्षी संगीता जैन ने अलौकिक मंगलाचरण प्रस्तुति ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया अनेक अलौकिक प्रस्तुतियो ने सभी का मन मोह लिया व गुरु मा का मंगल पद प्रक्षालन के साथ विज्ञमति माताजी

का पद प्रक्षालन किया गया व समस्त माताजी को मंगल शास्त्र भेंट किये गए साथ ही पट्ट गणिनी आर्यिका 105 विज्ञमति माताजी को मंगल परम लाभ नरेश निशा वेद कोटा निवासी को मिला व निर्मल साग़र जी महाराज को अर्घ समर्पित कर बारी बारी से गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी भक्ति करते हुए विशेष थाल सजाकर पूजन कर अष्ट द्रव्य समर्पित किये। व पट्ट गणिनी आर्यिका

विज्ञमति माताजी व समस्त आर्यिका भी मंगल पूजन भी किया गया अन्य व्यक्तियों ने विनयांजलि प्रस्तुत की विज्ञमतिI माताजी पर एक नाटिका प्रस्तुत की गई जो सभी को भावुक कर गयी।

समस्त आर्यिका माताजी का सिद्धालय में वास हो विशुद्धमति माताजी

पूज्या आर्यिका विशुद्वमति माताजी ने कहा कि कोटा में आज से 15 वर्ष पूर्व 9 दीक्षाए हुई थी। वर्तमान में 4 दीक्षार्थी यहाँ है उन्होंने इन बाल कुमारियों ने छोटी सी उम्र में दीक्षा को लेकर तप त्याग से जन जन को प्रभावित किया उन्होनें विज्ञमति माताजी की जमकर तारीफ की इनके पिता जिनेद्र प्रकाश जैन जिनका नाम था उन्ही की पुत्री आज जिनेद्र भगवान की प्रभावना का कार्य कर रही है और उसे बढ़ा रही है। चाहे वो सेमिनार हो, णमोकार मंत्र आराधना हो, अन्य कार्य हो जयघोष हो महिलामण्डलो की स्थापना हो ऐसे उन्नत कार्यो को कर रही है।उन्होनें कहा रत्नत्रय जिनका बढ़ता है वो

उतनी ही ऊंचाई को पाता है। अपने अंतरंग परिणामो को विशुद्व कर वह अनेकों कार्यो कर वे अनन्त उपाधियों को पाया है।उन्हें जो गणिनी पद दायित्व प्रदान किया उसे भी उन्होनें निभाया आज वो आपके सामने है।अनुशासन स्वयं का भी बना रहे तभी आत्मा का कल्याण हो सकता है। सभी समस्त आर्यिका माताजी का सिद्धालय में वास हो यही मेरी मंगल कामना

अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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