धर्म,अर्थ,काम और प्राणों का भय यदि इन चारो कसोटियो पर यदि तुमने अपने आप को इन कसोटियो पर कस लिया तो कभी धोखा नहीं खाओगे प्रमाण सागर महाराज
पारसनाथ
गुणायतन तीर्थ पर पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने अपने उद्बोधन मे कहा की यदि मानव धर्म,अर्थ,काम और प्राणों का भय यदि इन चारो कसोटियो पर यदि यदि तुमने अपने आप को इन कसोटियो पर कस लिया तो कभी धोखा नहीं खाओगे यदि कस नहीं पाओगे तो धोखा और धक्खा दोनों खाओगे उन्होने कहा आज मोकापरस्त

अवसरवादिता स्वार्थपरता कर देते है इतना ही नहीं लोग अपनों के साथ अनेतिकता फरेब पाप हिंसातक कर बैठता है बिना परीक्षा के किसी को मत परखो उन्होंने पश्चिमी सभ्यता पर करार कटाक्ष करते हुए कहा की पश्चिमी सभ्यता अधानुकरण ने हमे कही का नही रहने दिया इससे बचना चाहिए आज अंगो का ही प्रदर्शन हनी लगा है उन्होने कहा व्यक्ति की नज़र मे पवित्रता होनी चाहिए जिस किसी से भी मिले उसकी नजरो को खोजे यदि उसकी नजरे इधर उधर है तो वो खोटा है उन्होने कहा किसी से भी प्रगाढता मत रखो जिस किसी को भी प्राणों का भय होगा वो कभी अपाहिज नहीं होगा यदि उसको भय नहीं तो वो गद्दार ब नसकता है जोयह कहता है मै तेरे लिये जान भी डे सकता है आज नहीं कल वो दगाबाज भी हो सकता है लोभ सम्पन्नता के सम्बन्ध आज ज्यादा होगे
अभिषेक जैन लूहाडीया रामगंजमंडी
