इच्छाओं पर नियंत्रण रखना ही तप धर्म – मुनिश्री प्रभात सागर

JAIN SANT NEWS ललितपुर
  • दशलक्षण महापर्व- सातवां दिन (उत्तम तप धर्म)
  • नगर में धर्ममय वातावरण
  • “भ्रूण हत्या “नहीं करने का आदर्श बहू मंडल की सदस्याओं का संकल्प

ललितपुर। धर्मनगरी वर्णीनगर मड़ावरा में दशलक्षण महापर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म के अवसर पर नगर में चातुर्मासरत आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य अष्टम्नि र्यापक मुनिश्री अभय सागर, मुनिश्री प्रभात सागर, मुनिश्री निरीह सागर महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में श्री महावीर विद्या विहार के परिसर में प्रात:काल श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, संगीतमय पूजन श्रद्धालुओं ने किया। शांतिधारा करने का सौभाग्य नीलेश जैन, मयूराज जैन दुकान वालें,सुरेंद्र जैन, सौरभ, शशांक जैन दुकान वाले, शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य रोशनी जैन, वंदना जैन, धर्मेंद्र सराफ को प्राप्त हुआ।श्रावक श्रेष्ठी बनने का सौभाग्य नीलेश जैन, संध्या जैन दुकान वाले परिवार को प्राप्त हुआ।

उत्तम तप धर्म को संबोधित करते हुए मुनिश्री प्रभात सागर महाराज ने कहा कि कर्मों का क्षय करने के लिए जो तप किया जाता है, वही तप है। तप दो प्रकार का होता है अंतरंग और वहिरंग। व्यक्ति अपने जीवन में त्याग व तपस्या करता है

वही तप है। तप के द्वारा व्यक्ति महान बनता है। ऋषि-मुनि अपनी आत्मा का कल्याण करने के लिए तप करते हैं। उत्तम तप धर्म दशलक्षण पर्व का सातवां लक्षण है। मुनिश्री ने कहा कि अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण पाना ही तप है। तप के द्वारा व्यक्ति नर से नारायण भी बन सकता है। कर्मों के क्षय के लिए जो तपा जाता है, उसे तप कहते हैं। आचार्यों ने भी कहा है अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना ही तप है।
दोपहर में निर्यापक श्रमण मुनि अभय सागर महाराज ने मोक्ष शास्त्र के सप्तम अध्याय की अर्थ सहित व्याख्या की। सायंकाल में प्रतिक्रमण व सामूहिक आरती के उपरांत श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर से पधारे प्रो. दीपक जैन ने उत्तम तप धर्म पर मार्मिक प्रवचन दिए। आदर्श बहू मंडल की सदस्याओं ने संकल्प लिया कि जीवन में “भ्रूण हत्या “नहीं करेंगे। आदर्श बहू मंडल के इस निर्णय का स्वागत करते हुए अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन स्वस्ति महिला मंडल ने आदर्श बहू मंडल का सम्मान किया। सायंकाल आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला के नन्हें-मुन्हें बच्चों द्वारा प्राचार्या ममता जैन के निर्देशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। संगीतमय पूजन व सायंकालीन आरती पं. गजेद्र जैन सौंरया, जैन युवा जागृति सेवा संघ के डायरेक्टर धर्मेंद्र सराफ ने निर्देशन में आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन चातुर्मास समिति के महामंत्री डा. राकेश जैन सिंघई ने किया।

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