- मुनि श्री ने शिविरार्थियों को दी सीख, कहा- संयम से ही दुनिया बनेगी शान्ति का सागर
- तत्वार्थसूत्र का वाचन किया मुनि पूज्यसागर महाराज ने
ललितपुर। क्षेत्रपाल मंदिर में पर्वराज पर्यूषण पर मुनि सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीवन में संयम का महत्व कई गुना है। इसको धारण करने से बडे़- बडे़ संकट टल जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य ने बिना सोचे समझे किन्हीं वस्तुओं का इस्तेमाल किया तब उसे बडे़- बडे़ नुकसान का सामना करना पड़ा है। सारी दुनिया अणु बमकी खोज पर खुश होकर नाचने लगी लेकिन खोज करने वाला पश्चाताप करते हुए रोने लगा कि मैंने गलत खोज कर दी। उसका मानना था जब इसका इस्तेमाल होगा, अनर्थ हो जाएगा।मुनि श्री ने कहा जिन्दगी में प्रत्येक क्रियाओं के करने में पाप नहीं है। बस संयमित जीवन के साथ जीने की कला आ जाए। संयम से ही धरती का पाप और अनाचार मिटाया जा सकता है और फिर से दुनिया को शान्ति का सागर बनाया जा सकता है। मुनि श्री ने सोमवार को संयम धर्म को बताते हुए कहा कि सत्य के बाद संयम संसार की सत्ता देखते हैं तो सब कुछ सत्य ही नजर आता है। कोई असत्य नजर नहीं आता है। जीवन में जिसने धर्म को धारण कर लिया, वह जब संयम की ओर आगे जाएगा, उसे आत्मिक सुखानुभूति होगी।
धर्मसभा के प्रारम्भ में मुनि पूज्यसागर महाराज ने तत्वार्थसूत्र का वाचन किया। तदुपरान्त आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र के सम्मुख श्रावक श्रेष्ठीजनों ने दीपप्रज्जवलन मुनि श्री का पादप्रक्षालन कर किया। इसके पूर्व प्रातःकाल भगवान अभिनंदन नाथ के अभिषेक के उपरान्त मुनि श्री के मुखारविन्द से शान्तिधारा पुर्ण्याजक परिवारों द्वारा की गई।क्षेत्रपाल मंदिर प्रांगण में शिविरार्थियों ने पाण्डुकशिला पर श्री जी का अभिषेक ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश के मार्गदर्शन एवं मुनि श्री के सान्निध्य में किया। संगीतमय पूजन में शिविरार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था।क्षेत्रपाल मंदिर में निर्यापक मुनि श्री सुधासागर महाराज का पडगाहन संजीव कुमार राजीव चौधरी परिवार, नगर गौरव मुनि पूज्य सागर महाराज को प्रदीप जैन थनवारा वाले परिवार, एलक धैर्यसागर महाराज को आहारदान सीए विकास जैन ओसवाल परिवार एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज को आहारदान विजय जैन काफी परिवार को मिला। जहां पहुंचकर अनेक श्रावकों ने आहारदान देकर पुर्ण्याजन किया। मध्यान्ह में मुनि पूज्य सागर महाराज ने छह-ढाला का शिविरार्थियों को बोध कराया। इसके उपरान्त एलक धैर्यसागर महाराज ने श्रावकों को सामूहिक प्रतिक्रमण की सीख दी।
सायंकाल जिज्ञासा समाधान में शिविरार्थियों की जिज्ञासाओं का मुनि सुधासागर महाराज ने लाइव प्रसारण के माध्यम से समाधान किया। श्रावकों ने गुरुभक्ति संगीतमय आरती की जिसमें भक्ति की धूम रही। सायंकाल शिविरार्थियों को ग्रुप अनुसार एलक श्री ध्यानसागर महाराज, क्षुल्लक गम्भीरसागर महाराज के अतिरिक्त दिनेश जी गुगवाल जयपुर, ब्रह्मचारी विनोद भैया जबलपुर, ब्रह्मचारी सुनील भैया जबलपुर, ब्र. मनोज भैया ललितपुर ने धार्मिक बोध कराया। सायंकाल शिविरार्थियों की अल्पहार व्यवस्था को संयोजित करने में भारतीय जैन मिलन के स्वयंसेवकों द्वारा व्यवस्थाएं की जा रही हैं जिसमें विमल जैन पारौल, अनुराग सिंघई,अजय अलया, मनोज जैन चूडी, पवन जैन, मयंक जितेन्द्र जैन अनौरा की सेवाए निरंतर दी जा रहीहैं।
सुगंध दशमी पर श्रावकों ने की धूप समर्पितआज सुगंधदशमी पर्व पर श्रावकों ने जैन मंदिरों की वंदना कर श्रद्धा भक्ति के साथ धूप समर्पित की। जिनके लिए नगर के प्रमुख जैन मंदिर क्षेत्रपाल, जैन अटामंदिर, जैन नया मंदिर, जैन बड़ा मंदिर, आदिनाथ मंदिर सिविल लाइन, इलाइट जैन मंदिर, बाहुबलिनगर जैन मंदिर, चन्द्रप्रभु मंदिर, आदिनाथ मंदिर नईबस्ती, शान्तिनाथ मंदिर में श्रावकों का तांता लगा रहा। इस हेतु मंदिर प्रबंधकों द्वारा विशेष प्रबंध किए गए। इसके पूर्व श्रावकों ने मंदिरों में पहुंचकर पूजन, अभिषेक, शान्तिधारा की और पर्यूषण पर्व में उत्तम संयम धर्म की पूजन की।
व्यवस्थाओं में जुटे स्वयंसेवकशिविर की व्यवस्थाओं को दिगम्बर जैन पंचायत समिति के साथ नगर की स्वयंसेवी संस्था विद्यासागर व्यायामशाला, वीर व्यायामशाला, स्याद्वाद वर्द्धमान सेवा संघ, जैन मिलन मुख्य शाखा, जैन मिलन सिविल लाइन, जैन एम्बुलेंस सेवा समिति, मित्र मण्डल, मंगलवार भक्ताम्मर मण्डल के स्वयंसेवक अध्यक्ष इंजी अनिल जैन अंचल, महामंत्री डा. अक्षय टडैया मंदिर प्रबंधक राजेन्द्र जैन थनवारा, मोदी पंकज जैन के मार्गदर्शन में पूरी कर रहे हैं। मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने बताया कि 6 सितम्बर को प्रातः 8 बजे उत्तम तप धर्म पर मुनि सुधासागर महाराज का क्षेत्रपाल मंदिर में प्रवचनहोगा।
