सत्य वचन कहने वाला कभी दुखी नहीं होताः आचार्य श्री चैत्यसागर जी महाराज

JAIN SANT NEWS आगरा

भगवान पुष्पदंतनाथ जी का मोक्ष कल्याणक दिवस के रूप में मनाया गया

आगरा। दिगंबर जैन मंदिरों में दशलक्षण पर्यूषण महापर्व के पांचवें दिन रविवार को उत्तम सत्य धर्म एवं भगवान पुष्पदंतनाथ जी का मोक्ष कल्याणक दिवस के रूप में मनाया गया। पर्युषण पर्व के पांचवें दिन मोती कटरा स्थित श्री संभवनाथ दिगंबर जैन मंदिर में श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, सामूहिक पूजन के साथ ही भगवान पुष्पदंतनाथ जी के चरणों में निर्वाण लड्डू समर्पित किया गया। आचार्य श्री चैत्यसागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए उत्तम सत्य धर्म पर बताते हुए कहा कि जो मनुष्य हमेशा अपने मुख से सत्य वचन कहता है, वह कभी दुखी नहीं होता है। सत्य, धर्म का बीज है और सत्य हमेशा सम्मान प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि सत्य शब्दों में नहीं, अनुभूति में होता है।
कमला नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर शालीमर एन्क्लेव में दसलक्षण महापर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म की आराधना की गई। सर्वप्रथम मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य समस्त श्रावकों को प्राप्त हुआ। मथुरा से पधारे विद्वान पंडित मोहित जी शास्त्री के निर्देशन में भक्तों ने उत्तम सत्य धर्म की पूजन कर पण्डितजी द्वारा सत्य धर्म का अर्थ एवं महत्व बताते हुए कहा कि सत्य धर्म के मार्ग पर चलकर श्रावक मोक्ष पथ का अनुयायी बन सकता है। इस दिन विशेष उपस्थिति संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के संघस्थ बाल ब्रह्मचारी श्री सुनील भैया जी मंगल पदार्पण डी ब्लॉक मंदिर जी से शालीमर मंदिर जी हेतु हुआ। इस अवसर पर भैया जी ने मन्दिर में विराजित मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन करते हुए कहा कि इस मन्दिर में ऐसे अतिशयकारी भगवान के दर्शन का सौभाग्य आप सभी श्रावकों को प्रतिदिन मिलता है।

ताजगंज स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मन्दिर में पांचवें दिन भक्तों ने उत्तम सत्य धर्म एवं पुष्पदंत भगवान का मोक्षकल्याणक पर नौ परिवारों ने नौ बड़े लड्डू एक साथ श्रीजी के चरणों में अर्पण किए। सभी क्रियाएं श्री रिषम जैन शास्त्री घिरोर के द्वारा संपन्न कराई गईं। मीडिया प्रभारी शुभम जैन के मुताबिक कल दशलक्षण पर्व के छठवें दिन उत्तम संयम धर्म एवं सुगंध दशमी पर्व जैन मंदिरों में मनाया जाएगा| इस अवसर पर राजकुमार गुड्डू, रूप सोनी, संजय जैन,अनिल अहिंसा, मुकेश रपरिया, एस बी जैन,राजू गोधा, संजीव बैनाड़ा,संजय जैन, संजयबाबू जैन,योगेश जैन,प्रदीप जैन,विशाल जैन,योगेश जैन, पारस जैन,विनय जैन,मधुर जैन,उत्सव जैन,राकेश जैन परदेवाले,विवेक जैन,अनंत जैन, हुकम जैन,उमेश जैन,समस्त स्थानीय जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में जैन मंदिरों में मौजूद रहे|

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