



आगरा। दिगम्बर जैन समाज ने दशलक्षण पर्व के चौथे दिन धर्मावलंबियों ने उत्तम शौच धर्म के रूप में मनाया। परम पूज्य आचार्य श्री चैत्यसागर जी महाराज ने श्री 1008 अग्रवाल दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मोती कटरा में उत्तम शौच धर्म पर बताते हुए कहा कि उत्तम शौच धर्म सब जगत में विख्यात है। यह लोभ कषाय के अभाव में होता है। लोभ सर्व पापों को उत्पन्न करने वाला है। जीव की पवित्रता शील,जप,तप,ज्ञान,ध्यान के प्रभाव सेे होती है। उत्तम शौच धर्म का अनुशरण कर मनुष्य भी शौच गुणों को प्राप्त कर सकता है। कषाय विभाव भाव है। ईंधन डालने से अग्नि कभी संतुष्ट नहीं होती, नदियों के मिलने से सागर कभी शांत नहीं होता। शाम को जिनेंद्र भगवान की मंगल आरती संगीतमय में हुई। वहीं श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर कटरा इतवारी खां नाई की मंडी में दशलक्षण पर्व के चौथे दिन उत्तम शौच धर्म की पूजा कर जिनेंद्र प्रभु की आराधना की गई। श्री नेमीनाथ दिगंबर जैन मंदिर कर्मयोगी कमला नगर में दशलक्षण पर्व के चौथे दिन भक्तों ने श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा,संगीतमय उत्तम शौच धर्म की पूजा पंडित दीपांशु जैन के निर्देशन में संपन्न की। मीडिया प्रभारी शुभम जैन के के मुताबिक रविवार को दशलक्षण पर्व के पांचवें दिन सभी जैन मदिराें में उत्तम सत्य धर्म की पूजन होगी। इस अवसर पर राकेश जैन पर्देवाले, अनंत जैन विवेक जैन, पंकज जैन, अनिल जैन, विजय जैन, मोहन जैन, दीपक जैन, पवन जैन, समकित जैन, सुनील जैन, सुमेर जैन, शशि जैन, डॉली जैन, पायल जैन, अर्चना जैन, बुलबुल जैन, पुष्पा जैन और समस्त स्थानीय जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मंदिर में उपस्थित रहे।
