राजधानी जयपुर में श्रमण मार्तण्ड गुरुदेव के वरदहस्त से किया जीवन व मरण सफल-
जयपुर
राजस्थान की राजधानी में वर्षायोगरत राष्ट्र गौरव चतुर्थ पट्टाचार्य श्री सुनीलसागर जी गुरुराज जिनकी अनुकम्पा से हजारो हजार भव्यात्मन अपना आत्मकल्याण कर रहे है।
श्री मधोक जैन चितरी ने बताया की इसी श्रंखला में जयपुर निवासी वयोवृद्ध गुलाब देवी जी ने अपनी आयुष्य को निकट जानकर अपने मानव कुल को सार्थक करते हुए 29 अगस्त सन 2022 को पूज्य आचार्य श्री से जैनेश्वरी दीक्षा प्राप्त की,नाम पाया क्षुल्लिका श्री सुशांतिमती माताजी
पूज्य क्षुल्लिका माताजी आचार्य श्री सुनीलसागर जी गुरूराज की निर्यापकत्व व श्री संघ की पावन निश्रा में समाधि सल्लेखना की साधना पर गमन कर गयी जिनका आज 1 सितंबर 2022 को रात्रि 9 बजे समाधिमरण हुआ।
डोल यात्रा 2 सितंबर प्रातः 6 बजे भट्टारक जी की नसिया से चूलगिरी के लिए रवाना होगी।
अजीब संयोग
अजीब संयोग है कि आचार्य श्री संघ में आर्यिका105 श्री सुधर्ममती माताजी, आर्यिका श्री गौरवमती माताजी व क्षुल्लिका श्री सुशांतिमति माताजी तीनो की समाधि क्रमशः आये अलग अलग गुरुवार रात्रि व डोल संस्कार भी अगले दिन शुक्रवार को प्रातः ही हुए।
शाह मधोक जैन चितरी से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
