केशलोंच दीक्षार्थी शांतिदेवी का दीक्षा से पूर्व
आज महावीर जी दीक्षार्थी प्रतिमा धारी शांता देवी के दीक्षा के पूर्व केश लोचन सचमुच स्वयम हाथो से केशलोचन करना एक भावुक कर देने वाला क्षण होता हमे जब हल्की सी कोई सुई को चुबो देता है कितना दर्द और पीड़ा होती है ऐसे क्षण हर किसी की आंख को नम कर देते है जब स्वयम हाथो से केशो का लुचन कर देती है ऐसे प्रसंग पर कहा जाता है

केशलोच दे प्रशम संस्कार की निशानी

देख देख आए अखियो में पानी
राजेश पंचोलिया वात्सलय भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
