मनोरजंन के साथ नहीं बल्कि एकाग्रता के साथ करो प्रभू का दर्शन आत्मसाधना में एकाग्रता और सामाजिक जीवन में एकजुटता होः विज्ञमति माताजी
ग्वालियर
जब उल्लास का अवसर हो तो खूब मनोरंजन करो, लेकिन प्रभु के दर्शन और पूजन के अवसर पर एकाग्रता का होना आवश्यक है। क्योकि मनोरंजन के साथ प्रभु दर्शन से जीवन में आत्मरंजन न हो पायेगा। देखने में आता है लोग फोटो खिचवाने के चक्कर में प्रभु और गुरू और जिनवाणी की मर्यादा को भूल जाते है। अपने जीवन को मर्यादित करो तभी धर्म का मार्ग प्रशस्त हो पायेगा। जीवन में जब आत्मचिंतन , आत्मसाधना करने बैठे हो तो एकाग्रता जरूरी है। और एकाग्रता भी ऐसी हो कि उस वक्त तुम्हें आसपास हो रही हलचल भी न सुनाई दे। परिवार और समाज में एकजुटता का होना अत्यंत आवश्यक होता है। दूसरों की गलतियों निकालना कम करो, अपने दोषों को उजागर करो और दूसरों के दोषों को ढकने का प्रयास करोगे तो समाज और परिवार में प्रेम बढेगा।
यह उदगार आज रविवार को नईसड़क स्थित चम्पाबाग धर्मशाला में पूज्य गणिनी आर्यिका विशुद्वमति माताजी की शिष्या पूज्य गणिनी आर्यिका विज्ञमति माताजी ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुुए दिऐ।
गाय बछुड़े के प्रेम जैसा हो धर्म और धर्मात्मा का सबंध


धर्म और धर्मात्मा का संबध तो एक गाय और बछुड़ के प्रेम जैसा होना चाहिए। धर्म के मार्ग पर उनके ही कदम बढ़ते है जिनके अंतरंग में वात्सय और सरलता का जागरण हो। कठोर व्यवहार से जीवन में कुछ हासिल नहीं होता है।
मैत्री भाव जगत में मेरा, सब जीवों से नित्य रहे


जगत के सभी जीवों के प्रति मैत्री को भाव नित्य बना रहे, ऐसी प्रार्थना जैन दर्शन में की जाती है। संसार के प्रत्येक प्राणी को अपने मित्र की तरह मानोगे तो निश्चित ही अहिंसा का पालन होगा। किसी गिरते हुए को उठा लिया, किसी जरूरतमंद के काम आ जाओ तो समझो हमारे धर्म का पथ प्रशस्त होने लगा है।
इन्होने किया दीपप्रज्वलित

धर्मसभा का प्रांरभ जैन महिला परिषद ‘शाखा नयाबाजार की सदस्याओं के द्वारा मंगलाचरण गायन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन पुलक चेतना मंच परिवार ग्वालियर के सदस्य एवं भक्तामर परिवार ग्वालियर के सदस्यों ने सामूहिक रूप से किया।
31 से पर्युषण पर्व में होगी विशेष साधना
ललित जैन ने बताया कि दिगम्बर जैन समाज के पर्युषण पर्व 31 अगस्त से 9 सितम्बर तक चलेंगे, जिसमें विशेष साधना करते हुए चम्पाबाग बगीची में पूज्य माताजी के सानिध्य में प्रात 6.30 से भगवान का अभिषेक एवं संगीतमय पूजन, दोपहर 2 बजे से माताजी के द्वारा तत्वार्थ सूत्र पर क्लास, सांय 7 बजे भगवान की आरती, एवं रात्री 8 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
