धैर्य सभी गुणों में श्रेष्ठ माना जाता है आर्यिका विज्ञा श्री कार्यक्रम में चातुर्मास की पत्रिका का हुआ भव्य विमोचन
निवाई

श्री शांतिनाथ दिगम्बर अग्रवाल जैन मंदिर निवाई में प्रातः अभिषेक, शांतिधारा, बाद अष्टद्रव्यों से पूजा हुई जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत करवाया की आज कार्यक्रम के अंतर्गत आर्यिका श्री ने भरी धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा की अपने जीवन में निष्ठा साहस ,लगन ,उघमशीलता यह गुण जितने आवश्यक है उतनी ही आवश्यकता धैर्य की होती है धैर्य सभी गुणों से भी श्रेष्ठ माना जा सकता है|
कारण यही है की अन्य सभी गुण बिना धैर्य के प्राप्त नहीं होते ,धैर्य एक ऐसा गुण हैं जिसमें चुम्बकीय शक्ति होती है, जैसे चुम्बक के द्वारा लोहे की आलपिनो को इकट्ठा किया जा सकता है, पुष्प को देखकर जैसे भंवरे आ जाते हैं, शक्कर के ढेर पर चींटियों का समूह बिना निमंत्रण के आ जाता है ऐसे ही जिस व्यक्ति में धैर्य है उस व्यक्ति में अनंत गुण प्रकट होने की संभावना है ,गोधा ने अवगत कराया कि आगामी 31 अगस्त से 9 सितंबर तक तप ,त्याग, संयम का पर्व पर्युषण पर श्रावक संस्कार साधना शिविर का आयोजन किया जाएगा और 31 अगस्त को श्रीजिनसहस्त्रनाम महामंडल विधान का होगा विश्वशांति महायज्ञ के साथ समापन। कार्यक्रम बाद आर्यिका श्री ने सभी भक्तजनों को मंगलमय आशीर्वाद दिया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
