वागड की कनबा नगरी में दिगम्बर जैन सन्त द्वारा 35 उपवासों की साधना-
कनबा
राजस्थान के डूंगरपुर जिले की कनबा नगरी में वर्षायोग रत मुनि श्री सुयत्न सागर गुरूदेव जो दीक्षाकाल से प्रायः प्रतिवर्ष सोलहकारण पर्व के दिनों में व्रत साधना करते है।शाह मधोक जैन चितरी ने बताया की राष्ट्र गौरव श्रमण मार्तण्ड चतुर्थ पट्टाचार्य श्री सुनीलसागर गुरूराज से दीक्षित व शिक्षित पूज्य मुनि श्री सुयत्नसागर गुरूदेव णमोकार व्रत के 35 उपवास की साधना कर रहे है जिनमे दिनांक 19 अगस्त 2022 को उनका 8वा उपवास है।
आपको बता दे हमारे दिगम्बर सन्त जो बहिरंग व अंतरंग साधना में सदैव आरूढ़ रहते है।जैसे खावे अन्न वैसे होवे मनजैसो पीवे पानी वैसे बोले वाणी।जानकारी देते प्रशान्त जैन मुंबई ने बताया कि आचार्य 108 श्री सुनील सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य वात्सल्य मूर्ति युवा रत्न 108 मुनि श्री सुयत्न सागर महाराज श्री का णमोकार महा मंत्र का 8 वा उपवास हुआ है।उन्होंने बताया की मुनि श्री के प्रेरणा आशीर्वाद और सानिध्य से 35 दिवसीय णमोकार मंत्र विधान का आयोजन एक एक दिन के सौधर्म इंद्र जिसमे आज देवीलाल शाह कनबा निवासी परिवार ने लाभ लिया।

पर्युषण पर्व आत्मा की शुद्धि का पर्व है मुनि श्री
इस अवसर पर मुनि श्री ने अपने प्रवचन में कहा भावनाओं को भावो
32 उपवास करने की भावना बनावो,
16 उपवास करो,
10 उपवास करो,
5 उपवास करो,
4 उपवास करो,
अनंत व्रत 3 उपवास करो, रत्नत्रय के और उपवास नही होते तो वैयावृत्ति करोजिन्होंने उपवास व्रत किये हो।पर्युषण पर्व आत्मा की शुद्धि का पर्व है।
शांत परिणाम रखो, शांत रहो। क्रोध नही करना।सभी के लिए मुनि श्री ने आशीर्वाद दिया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
