रक्षा बंधन पर्व पर राष्ट्र की रक्षा का लें संकल्प— मुनि श्री संभवसागर


खुरई-
प्राचीन जैन मंदिर जी में विराजमान मुनि श्री संभव सागर जी महाराज ने “रक्षाबंधन पर्व” के महत्व को प्रतिपादित करते हुए विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहां की आज के दिन अकम्पनाचार्य महाराज सहित 700 मुनिराजो का उपसर्ग,विष्णु कुमार मुनि राज ने दूर किया था।रक्षा बंधन पर्व मुनिराजो के वात्सल्य,श्रावको की श्रद्धा भक्ति एवं प्रभावना का पर्व है। यह पर्व मात्र बहन-भाइयों तक ही सीमित नहीं वरन यह वात्सल्य का प्रतीक है। वात्सल्य के बिना सब कुछ शून्य है। मुनि श्री ने कहा कि वर्तमान समय में हमारा संपूर्ण राष्ट्र ही नहीं वरन संपूर्ण विश्व को आपसी प्रेम भाव वात्सल्य की महती आवश्यकता है। हम सभी अहिंसा के मार्ग पर चलने का प्रयास करें, आपसी बैर-भाव, राग-द्वेष को भुलाकर संपूर्ण विश्व की शांति हेतु, अपने निजी स्वार्थों को तिलांजलि देकर, धर्म जाति संप्रदाय आदि के भेदभाव को दूर कर आपसी एकता एवं मित्रता को बढ़ाएं।
मुनि श्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्र हित को ध्यान में रखकर ही कार्य करना चाहिए।
एक दूसरों को वात्सल्यमयी प्राण- वायु का संचार कर नया जीवन देने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए। प्रवचन के पूर्व रक्षाबंधन विधान का आयोजन एवं अभिषेक शांतिधारा के साथ ही विभिन्न कार्यक्रम संपन्न हुए।


अशोक “शाकाहार” ने बताया कि 10 मुनिराजो के सानिध्य में प्रतिदिन विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रातः 6:00 बजे से सांय 7:00 बजे तक मुनि संघ की आहार चर्या, सामायिक के साथ ही विभिन्न ग्रंथों पर समस्त मुनि संघ प्रकाश डाल रहे हैं।जिसमे नगर एवं बाहर से आए सैकड़ों श्रद्धालु लाभान्वित हो रहे हैं। प्रातः 7:00 बजे अतिशयकारी बैलगाड़ी वाले बड़े बाबा नवीन जैन मंदिर जी में मुनि श्री निष्पक्ष सागर, मुनि श्री निष्काम सागर,योग और ध्यान के प्रशिक्षण शिविर मे सैकड़ों युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
