वात्सलय वारिधि वर्धमान सागर जी महाराज सानिघ्य में वेदी शुद्धि, संस्कार पूजन,याग मंडल विधान संपंन्न
श्री महावीर जी
श्री शान्तिवीरशिवधर्माजीतवर्द्धमान सुर्रिभ्यो नमः
प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागर जी महामुनिराज की अक्षुण्ण पट्ट परम्परा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सानिध्य में वेदी शुद्धि वेदी संस्कारपूजन याग मंडल विधान के अर्ध्य तथा वास्तुशुद्धि की क्रिया प्रतिष्ठाचार्य पंडित श्री मुकेश जैन, महावीर जी के निर्देशन में हुई। एवम पूजन समर कंठाली इंदौर द्वारा वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज संघ सानिध्य में की गई।

गज्जू भैया ने दी जानकारी

बाल ब्रह्मचारी गज्जू भैया ने बताया कि

म्यूजियम में आचार्य संघ के चैत्यालय को नूतन वेदी पर अस्थायीआचार्य श्री द्वारा विराजित किया गया ।
इस अवसर पर मंडल विधान की सुंदर रचना समर कंठाली, साधना दीदी, नेहा दीदी, पूनम दीदी, दीप्ति दीदी द्वारा की गई। उल्लेखनीय है कि वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी अपना 54 वा वर्षायोग श्री महावीर जी मे कर रहे है
राजेश पंचोलिया इंदौर
वात्सल्य वारिधि भक्त परिवार
