वर्तमान की लाइफ स्टाइल ऐसी है कि आदमी की चाल ही बदल गई है संधानसागर जी
बावनगजा
बावनगजा में आओ बनाए भाग्य को साैभाग्य पर रविवार की बेला में मुनि श्री संधानसागर जी महाराज ने अपना मंगल प्रवचन दिया इस बेला मे सुहाग दशमी पर पूजन विधान आहुत्र हुआ। मुनि श्री ने अपने उद्बोधन मे भाग्य की स्पेलिंग एलयूसीके पर सभी का ध्यान केन्द्रित किया भावार्थ समझाते हुए कहा कि एल यानी लाइफ स्टाइल, यू यानी अंडर स्टेडिंग, सी यानी कंफर्ट व के यानी काइंडनेस।
आगे बोलते हुए उन्होंने कहा की वर्तमान की लाइफ स्टाइल ऐसी है कि आदमी की चाल ही बदल गई है। सीख दी की सुबह से शाम तक अपनी दिनचर्या को सुधारे। उन्होंने लीव इन रिलेशनशिप की ओर सभी का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यह न भारत की परंपरा थी और न ही होगी। बस यहां की महिलाओं को आगे आना है। इसी तरह समझ एक-दूसरे की जरूरी है। घर, परिवार, समाज, संघ में शांति एक-दूसरे के विचारों को समझने से ही होगा। उन्होंने कहा दया, धर्म का मूल है। बिना दया अपने जीवन व्यवहार को उन्नत कर नहीं सकते। सुहाग दशमी की कथा सुनाकर उन्होंने संस्कृति को बचाने पर जोर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
संकलन अभिषेक जैन लूहाडीया रामगंजमंडी
