श्री वर्धमान श्री वर्धमान के चरणों मे
श्री महावीर जी
जन ज़न की आस्था का केंद्र बिंदु श्री महावीरजी तीर्थ एक अलौकिक तीर्थ है जहां प्रभु श्री वर्धमान की अतिशयकारी प्रतिमा है जिसके दर्शन मात्र से अनेक पापों का क्षय होता है यह छाया चित्र अपने आप में एक इतिहास बनाता है साक्षात इस धरा के वर्धमान आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 1008 श्री वर्धमान स्वामी के चरणों को नमन कर रहे है।यह वह तीर्थ है की सनावद के गोरव को निर्ग्रन्थ गुरु श्री वर्धमान साग़र के रूप में अवतरित किया।
श्री शान्तिवीरशिवधर्माजीत वर्द्धमान सुर्रिभ्यो नमः
प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री शांति सागर जी गुरुदेव की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परम्परा के तृतीय पट्टाधीश आचार्य श्री धर्म सागर जी से श्री महावीर जी मे दीक्षित पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज श्री अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी मे 53 वा चातुर्मास विशाल संघ सहित कर रहे है प्रतिदिन प्रातः गुरु वंदना पंचामृत अभिषेक स्वाध्याय फिर आहार चर्या पुनः दोपहर को स्वाध्याय शाम को आरती एवम गुरुभक्ति हो रही है
राजेश पंचोलिया इंदौर
वात्सल्य वारिधि भक्त परिवार
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
