गुरु ज्ञानसे ही हम जीवन को सार्थक कर सकते है पूर्णमति माताजी
इंदौर

विश्व वन्दनीय आचार्य श्री विद्या सागर महाराज का 55 वा मुनि दीक्षा दिवस आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी के सानिध्य मे मनाया गया इस अवसर पर समाज सेवियों का भी सम्मान किया गया इस अवसर पर आर्यिका पूर्णमति माताजी ने गुरु गुणानुवाद करते कहा की गुरु ही जों हमें अज्ञानता से ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं। माताजी ने आगे कहा की माता-पिता के बाद गुरु ही होते हैं, जो हमारे जीवन को ज्ञान रूपी सागर से भरते हैं। गुरु ज्ञान से ही हम जीवन को सार्थक बना सकते हैं। उन्होने सीख देते कहा गुरु को कभी भी अपनी महाभारत नहीं सुनाना, बस हमको तो उनसे उनकी को रामायण सुनना है। अगर गुरु का सान्निध्य हमको पाना है तो हमें उनके बताए मार्ग पर चलना होगा। व गुरु ही होते हैं, जो हमारी नाव भव सागर से पार करा सकते हैं
संकलित अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
