मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज ने कहा श्री जयोदय अतिशय क्षेत्र ईशरवारा की शक्ति बहुत अधिक है
ईशरवारा
पूज्य मुनि पुंगव सुधासागर महाराज का कही वर्षो के बाद अपनी जन्मभूमि पर आगमन हुआ यह वो पावन धरा है जहा पर कल के जयकुमार आज के मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज अवतरित हुए वहा पर गुरूवार की बेला मे मुनि संघ का आगमन हुआ उन्होने ग्राम की उस नदी का भी अवलोकन किया जिस पर वही कभी डुबते हुए बचे थे उन्होने इसके बारे मे सभी को बताया वही जयोदय तीर्थ पर 8 दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान भी शुरू हुआ जिसका ध्वजारोहण भामाशाह रत्न श्री अशोक पाटनी (आर के मार्बल) द्वारा किया गया इस अवसर पर पूज्य मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ने जयोदय तीर्थ के विषय मे बताते हुए कहा की ईशरवारा की शक्ति बहुत अधिक है। साथ ही यहां की माटी बहुत शक्तिमान बताया। उन्होने एक इतिहास को सांझा करते बताया की पाणाशाह ने सैकड़ों साल पहले इस भूमि को मंदिर के लिए चुना था वह आज रोशनी बनकर दुनिया के सामने आई है। उन्होने जोर देते हुए बताया की यह विश्व का बहुत बड़ा तीर्थक्षेत्र बनकर उभरेगा। बन रहे जिंनालय के विषय मे जानकारी देते हुए कहा यहां पर त्रिकाल चौबीसी, 52 जिनालय अलग-अलग बनेंगे। प्रत्येक जिनालय में व्यक्ति अलग-अलग खड़े होकर पूजा पाठ कर सकेंगे। उन्होने जो कहा वह सभी को रोमांचित कर गया उन्होने कहा यह क्षेत्र मेरे बिना बोले बनेगा और बनना ही चाहिए। महामंडल विधान के विषय मे बोलते हुए कहा की आप लोगइतनी विशुद्धि के साथ विधान करें कि यह क्षेत्र पूरे विश्व में सूर्य के समान रोशन हो सके। यहां की ऊर्जा सारे जगत को लाभ देने वाली बने। अंत मे उद्बोधन मे कहा यदि मेरे कोई सलाहकार हैं तो वह शांतिनाथ भगवान है, उन्हीं के सामने मैने मोक्ष मार्ग पर जाने का निर्णय लिया था
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमंडी
