ग्राम बिस्तुनिया की सेवा भक्ति सभी के लिए एक प्रेरणा है
बिस्तुनिया

राजस्थान के हाडोती मे झालावाड जिले का एक ग्राम बिस्तुनिया की सेवा भक्ति सभी के लिए एक प्रेरणा है सेवा समर्पण भक्ति का एक पर्याय बन गया है जो सभी को प्रेरणा देता है वाकया था 17 जून 2022 का जब महासंत वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज संघ का आगमन हुआ वहा के ग्राम जनों ने सेवा समर्पण एक पर्याय बनकर परिलक्षित हुआ है वही उसी दिन संघ के पूज्य परम कीर्ति महाराज की समाधी हो गई ग्राम वासियों ने समस्त कार्य अपने लिया और कहा ऐसे क्षण यह समय कहा मिलेगा और पूरे ग्राम का बच्चा बच्चा जुट गया ग्राम मे उनकी यात्रा निकाली जिस स्थान पर अंतिम क्रिया होनी थी वहा काटे ही काटे थे महज 2 घंटे के भीतर उस जगह को समतल बनाया गया और अंतिम क्रिया पूर्ण की गयी वही इतना नहीं सरपंच श्रीमती रुकमण बाई व् सरपंच प्रतिनिधि ने उस पावन भूमि को जैन समाज को प्रदान की
वही समाधी के दुसरे दिन जो आस्था दिखी वो अनुठा अनुपम ऐतिहासिक दृश्य परिलक्षित कर गयी हम सभी जानते है वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज साक्षात् वात्सल्य की प्रतिमूर्ति है जब ग्राम वासियों के कहने पर पूज्य गुरुदेव ने उद्बोधन दिया वो सभी को अन्दर से झकझोर कर गया उनका मन परिवर्तित हुआ इसे चमत्कार नहीं तो क्या कहेगे ग्राम वासियों ने सामुहिक रुप से माऺस मदिरा सेवन काआजीवन त्याग किया ओर गाँव मे शराब की दुकान बन्द करने का संकल्प लिया वही एक कदम और बढते हुए सभी ग्राम वासियों ने जन सहयोग से समाधी स्थल का निर्माण करने निर्णय लिया व प्रत्येक वर्ष 17 जुन को समाधी दिवस मनाने का भी निर्णय लिया यह ग्राम एक पर्याय बनकर सामने आया और सभी को प्रेरणा के साथ सीख भी देता है उनके कदम यही नहीं रुके उनकी सेवा भक्ति समर्पण का आलम यह रहा जब आचार्य संघ का बिस्तुनिया से विहार किया तो अदभुत दृश्य देखने को मिला विहार में गाँव के प्रत्येक घर सभी जन सम्पूर्ण 6.5 किमी के विहार मे पेदल चलकर ग्राम करावन तक अपनी भक्ती भावना प्रस्तुत की हम सभी इन ग्राम वासियों से सीख लेना चाहिए इनके कार्य की सराहना की जानी चाहिए मेरी और से ग्राम वासियों के कार्य की अनंत अनुमोदना
अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
