स्म्रति का झरोखा वर्ष 2016 दो वात्सल्य मूर्ति का हुआ था मिलन सुसनेर मध्यप्रदेश
सुसनेर
मध्यप्रदेश और राजस्थान की संगम स्थली सुसनेर में10 जून 2016 को इस युग के दो महान आचार्य का महामिलन हुआ था
स्मृति
उस दिन प्रातः कॉलिन जेसे ही सूरजे ने अपनी लालिमा बिखेरी ठीक उसी समय सुसनेर जैन समाज के हर एक व्यक्ति की प्रतीक्षा की घड़ी समाप्त हुई थी व हजारो भक्तो के उत्साह से भरे जयघौष के बीच आचार्य श्री 108 दर्शन सागर जी महाराज ने आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज के समवशरण रूपी संघ की मंगल आगवानी की थी वह क्षण इतिहास के पन्नो पर अमिट हो गया जब एक दूसरे को देखते ही दोनों आचार्य भगवन प्रसन्नता से गदगद हो गए उसके बाद गले लगकर आत्मीयता प्रकट की इस महामिलन को देखकर सभी श्रावक भाव विभोर हो गए थे इसी के साथ दोनों संघ के सानिध्य में हजारो श्रद्धालु बेंडबाजे की धुन पर भक्ति करते हुए शोभायात्रा के रूप में दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर चंदाप्रभु दिगम्बर जैन छोटा मन्दिर होते हुए त्रिमूर्ति मंदिर पहुचे थे वहा पर धर्मसभा में हुई आचार्य गुरुदेव वर्धमान सागर जी महाराज ने सुसनेर वासियो द्वारा की गई आगवानी की प्रशंशा भी की वहीधर्मसभा में समस्त संघ को सुसनेर दिगम्बर जैन समाज ने विनय पूर्वक कम से कम 8 दिवस प्रवास की विनती भी की थी एक रिपोर्ट आशीष जैन त्यागी के साथ अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंज मंडी
