निमेड़ा ग्राम में श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन जिनालय में नवीन वेदी में विराजे श्री जी
श्रुत पंचमी पर आर्यिका श्री ने समाज को दिया शुभ संदेश
फागी

प. पू. भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ के पावन सान्निध्य में नीमेडा ग्राम में श्री दिगम्बर जैन मंदिर पार्श्वनाथ जिनालय में चल रहे तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महामहोत्सव का आज विभिन्न मंत्रोचारणों के द्वारा निर्विघ्न रुप से कार्यक्रम का समापन हुआ, जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता

राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि नवीन वेदी में मूलनायक श्री पार्श्वनाथ भगवान को मूल वेदी में स्थापित करने का सौभाग्य धर्म श्रेष्ठी रूपचन्द जी , महावीर प्रसाद , अरविंद कुमार जी सेठी परिवार ने प्राप्त किया,श्री अजितनाथ भगवान की जिन प्रतिमा को टीकम चंद,राजेंद्रकुमार पवन कुमार बज परिवार ने स्थापित करने का सौभाग्य प्राप्त किया।

गोधा ने बताया कि नवीन वेदियों पारसनाथ भगवान, अजितनाथ भगवान, नेमिनाथ भगवान , चन्द्रप्रभ भगवान, मल्लिनाथ भगवान, महावीर स्वामी सहित करीब 33 जिन प्रतिमाओं को प्रतिष्ठाचार्य पं.विमलकुमार जैन बनेठा वालों ने विभिन्न मंत्रोचारणों के द्वारा विराजमान कराया। कार्यक्रम में मालपुरा, डिग्गी, फागी , चकवाड़ा,चोरू, नारेड़ा,मंडावरी,मेंदवास,आदि स्थानों से आये समाज ने सामूहिक रूप से पूज्य गुरु माँ के चरणों में पावन चातुर्मास 2022 हेतु श्रीफल भेंट किया, कार्यक्रम में अलीगढ़ , लावा , डिग्गी, मालपुरा,सोडा , बावड़ी ,मेंदवास, झिराना , रेनवाल , लसाडिया, जयपुर आदि स्थानों से श्रृद्धालुओं ने पधारकर भक्ति भाव से कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर शिरकत करते हुए सहभागिता निभाकर पुण्यार्जन प्राप्त किया कार्यक्रम में आगामी नवीन वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव हेतु लसाडिया व रेनवाल की वेदी प्रतिष्ठा की पत्रिका का भी विमोचन किया गया, कार्यक्रम में पाद प्रक्षालन , गुरु पूजन , श्रुत की आराधना आदि के पश्चात पूज्य गुरु मां का मंगल उपदेश हुआ जिसमें माताजी ने कहा कि – आज श्रुत पंचमी के पावन दिन में भगवान को घर मिला और आज ही के दिन पुष्पदंत और भूतबलि ने षट्खण्डागम ग्रंथ को पूर्ण कर ज्ञान को लिपिबद्ध किया , माताजी ने सभी समाजों के लिए कहा कि – जैसे श्री कृष्ण ने सारथी बनकर महाभारत के युद्ध में अर्जुन का साथ दिया ठीक वैसे ही मैं भी श्रीकृष्ण बनकर आई और आप सभी ने अर्जुन की तरह कार्य करके भगवान को वेदी पर विराजमान किया । जैसे एक साथ और एक दूसरे के सहयोग से हमने हर कार्य को पूर्ण किया वैसे ही आप सब एक रहकर अपने परिवार समाज व राष्ट्र में भी सहयोग करेंगे और भाईचारा का संदेश प्रसारित करेंगे । पूज्य माताजी की वाणी से जन जन का मन भक्ति और भातृ भावना से ओत प्रोत हो उठा सभी के मुख पर प्रसन्नता की लहर स्पष्ट दिखाई दे रही थी। कार्यक्रम बाद आर्यिका श्री ने सभी भक्तजनों को मंगलमय आशीर्वाद दिया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
