बिना तपे कोई महान नहीं बनता है – स्वस्ति भूषण माताजी – माताजी ने किये टोडरमल स्मारक के दर्शन
जयपुर –
– बाहर कष्ट हो लेकिन मन में शान्ति हो, सुख हो, इसे ही तपस्या कहते है।
पाप ना हो, कषाय ना हो फिर भी सुख मिले यही तपस्या है। उपवास से आत्मा को संतुष्टि मिलती है। बिना तपे
दुनिया में कोई महान नही बनता है।
महात्मा गांधी परिग्रह व्रत का पालन करते थे।
मन में विकल्प नहीं होना चाहिए।
राम जैसा आज्ञाकारी पुत्र मिलना बहुत कठिन है।
खुद से जुड़े हुए को एकांत अच्छा लगता है।
जो आत्मा से जुडा हुआ है, वो ज्ञान-
ध्यान व स्वाध्याय करेगा। एकासन व उपवास से संयम मिलता है, शक्ति मिलती है। मन मे विश्वास आता है। ये उदगार भारत गौरव, गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने गुरुवार को बापूनगर के गणेश मार्ग स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन चैत्यालय में आयोजित धर्म सभा में व्यक्त किए।

इससे पूर्व धर्म सभा में मंगलाचरण समता गोदीका ने किया। समाजश्रेष्ठी उमरावमल संघी, इन्दर संघी , नवीन संघी, भव्य संघी ने चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन व माताजी के पाद प्रक्षालन किये ।
इस मौके पर राजस्थान जैन साहित्य परिषद के अध्यक्ष महेश चन्द्र जैन चांदवाड ने श्रुत पंचमी के अवसर पर चार जून को निकाली जाने वाली भव्य जिनवाणी रथ यात्रा के बारे में जानकारी दी । मंच संचालन रवि सेठी ने किया ।
धर्म सभा में महेन्द्र कुमार जैन पाटनी, जितेन्द्र कुमार जैन , राजकुमार सेठी , महावीर कुमार जैन, सुरेन्द्र कुमार मोदी , डॉ राजेन्द्र कुमार जैन , मनोज झांझरी , विनोद जैन ‘कोटखावदा’, हेमन्त सोगानी, राजीव जैन गाजियाबाद, प्रदीप जैन, राकेश गोदिका आदि उपस्थित थे।
इससे पूर्व गणेश मार्ग स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय से बैण्ड बाजों के साथ पंडित टोडरमल स्मारक भवन बापू नगर स्थित सीमंधर जिनालय एवं पंचतीर्थ जिनालय के दर्शनार्थ विहार किया । माता जी के संघ के साथ साथ सैकड़ों महिला व पुरुष चल रहे थे।जिनके द्वारा लगाए जा रहे जयकारों से बापूनगर का आसमान गुंजायमान हो उठा। जैन जैनेत्तर भाई बहनों ने अपने अपने घरों के बाहर स्वस्ति भूषण माताजी की आरती व पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

वही टोडरमल स्मारक भवन में माताजी की अगवानी में ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील कुमार गोदिका, महामंत्री परमात्मप्रकाश भारिल्ल,
मोटीवेशन स्पीकर डा.एस.पी.भारिल्ल व हीरा चन्द बैद उपस्थित थे। दर्शन करने के पश्चात माता जी को स्मारक भवन की गतिविधियों की जानकारी डा.अखिल बंसल ने दी। व दिन में ममता पाटनी के निर्देशन में चैत्यालय में भजनों का कार्यक्रम हुआ। सायकांल गुरु भक्ति, आनन्द यात्रा एवं महाआरती के आयोजन किये गये।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
