गुरु चरणों मे महातपस्वी
विश्व वन्दनीय आचार्य श्री विद्यासाग़र महाराज का मंगल विहार चल रहा यह क्षण रविवार की प्रातः
बेला का जब पूज्य गुरुदेव मंगल विहार करते हुए कुछ समय एक स्थान पर रुके और महामना गुरु के चरणों मे महातपस्वी चद्रप्रभ साग़र महाराज है। यह क्षण दुर्लभ है। इस युग के दो महासन्त एक साथ है।
एक महामना है जो स्व औऱ पर कल्याण के साथ अहिंसा स्वाबलवन की अलख जगा रहे है। वही इस युग के महातपस्वी मुनि श्री चन्द्रप्रभ साग़र महाराज जिनकी निर्मोहिता जिनके तप त्याग की महिमा अदभुत है। आप एक उपवास एक आहार की साधना करते है। महामना और महातपस्वी का यह समागम सचमुच अद्भुत है। जो शब्दो की परिधि से अनन्त गुणा है। यह हम सबका कोई अनन्त पुण्य है जो ऐसे महासन्तो का सानिध्य हमे प्राप्त हो रहा है।
विहार सूचना 29 मई29 मई क आहारचर्या, “भोपाल जबलपुर मार्ग” पर राजमार्ग चौराहे से 1 किमी दूर जबलपुर रोड पर टोल नाके पर होगी संभावना व्यक्त की जा रही है सरसला केरपानी होकर नरसिंहपुर
(नर्मदा नदी के नई पुल पर से
अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
