सुधा-वाणी
“जैसे बड़े होने के बाद अपने बच्चों का परिचय अपने व्यापारियों से कराते हो ना, “सेठ जी यह अपना बच्चा है।
अब आगे जा के यही काम संभालेगा।”
ठीक वैसे ही अपने बच्चे को अपने साथ अभिषेक करने साथ ले के जाओ, और कहो .. “भगवन देख लो मेरे बेटे को..!! यही संभालेगा आगे जा के.. मेरे कुल में अभिषेक और पूजन की परंपरा को। भगवन जैसा आशीष मुझ पे रखा, वैसा ही इस पे भी रखना।” और बेटे को भी बोलो ..देख लो बेटा, ये ही अपने जिनेद्र देव..अपने कुलदेवता..!!!
इनका अभिषेक और पूजन कभी मत छोड़ना..!! मैने आज तक जो कुछ भी कमाया, इन्ही की कृपा से कमाया..!!
जो मां बाप अपने बच्चों का परिचय अपने देव शास्त्र गुरु से करादेते हैं, उनके बच्चे जीवन में कभी नही भटकते हैं।”
मंगल प्रवचन मुनि श्री सुधासागर जी
शोभित जैन रामगंजमडी से संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
