दूसरों की गलतियों , कमियां, देखने की बजाय दूसरे के गुणों को ग्रहण करें तो भगवान बन सकते हैंआर्यिका विज्ञाश्री

JAIN SANT NEWS आलोद बूंदी

भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी का आज आलोद (बून्दी) में भव्य मंगल प्रवेश हुआ

दूसरों की गलतियों , कमियां, देखने की बजाय दूसरे के गुणों को ग्रहण करें तो भगवान बन सकते हैंआर्यिका विज्ञाश्री

आलोद /बूंदी

परम पूज्या भारत गौरव, वात्सल्य सरिता, श्रमणी गणिनी आर्यिका 105 विज्ञा श्री माताजी का शुक्रवार को अलोद शहर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ, जहां पर शहर की सीमा पर आलोद जैन समाज ने संघ की भव्य आगवानी की,तथा पाद प्रक्षालन कर आरती की व संत भवन लाया गया।

जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया की कार्यक्रम में पूज्य गुरु मां ने अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं को संबोधित देते हुए कहा कि आज प्रत्येक मानव की सोच दूसरो की कमियां गलतियां देखने की है। वह दूसरों की कमियां ,गलतियां देखकर सहायक नहीं बनता बल्कि उपहास करता हैं | पूज्य गुरु मां ने उदाहरण देते हुए कहा कि एक बार एक इंसान ने कोयल से कहा तू इतनी काली ना होती तो कितना अच्छा होता, सागर से कहा पानी इतना खारा ना होता तो कितना अच्छा होता है, गुलाब से कहा तुम्हें इतने कांटे न होते तो कितना अच्छा होता , तीनों ने एक साथ कहा कि, इंसान में दूसरों की कमियां देखने की आदत ना होती तो कितना अच्छा होता‌ | अतः अपनी सोच में गुमान की हवा भरी है कि मैं जो कर रहा हूं वही सही है इसे ही छोड़ दे | एवं ‌नित्य ही दूसरों के गुणों को देखकर उन्हें ग्रहण करने के भाव बनाये | गुणों को ग्रहण करने वाले ही भगवान बन सकते हैं |

कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष पवन कुमार कोंट्या, पारस कुमार जठानीवाल, प्रकाश कोट्या, राकेश नपायत, नेमीचंद जैन, सुरेंद्र गोधा,बंटी, अर्पित,अक्षत, तथा अखिल जैन सहित सारा समाज साथ साथ था।

संकलित अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी

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